उत्तराखंड सचिवालय में एक समीक्षा अधिकारी के भाई के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद सचिवालय प्रशासन ने एक और अनुभाग सील कर दिया है। समीक्षा अधिकारी पंचायती राज अनुभाग तीन में कार्यरत है और लगातार कार्यालय आ रहा था। उसकी सूचना पर अनुभाग अधिकारी ने अपर मुख्य सचिव सचिवालय प्रशासन को इसकी सूचना दी है।
प्रभारी सचिव सचिवालय प्रशासन भूपाल सिंह मनराल के मुताबिक, सूचना प्राप्त होने के बाद अनुभाग को बंद कर दिया गया है। अनुभाग को सैनिटाइज कराया जाएगा। साथ ही समीक्षा अधिकारी को कोविड टेस्ट कराने को कहा गया है। सहयोगी स्टाफ भी समीक्षा अधिकारी की कोविड टेस्ट की रिपोर्ट आने तक घर पर रहेंगे।
एक हफ्ते में सील हो चुके हैं दो अनुभाग
सचिवालय में पिछले एक हफ्ते के दौरान कोविड 19 महामारी के संक्रमण से सुरक्षा को देखते हुए दो अनुभागों को सील किया जा चुका है। सबसे पहले कंप्यूटर ऑपरेटर में कोरोना के लक्षण पाए जाने के बाद महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास अनुभाग दो को बंद कर दिया गया। इसके बाद अब पंचायती राज अनुभाग तीन को बंद किया गया है।
राजस्व अनुभाग तीन में एक समीक्षा अधिकारी की माता को कोरोना संक्रमण हो जाने के बाद सहयोगी कार्मिकों में घबराहट पैदा हो गई थी। हालांकि यह कार्मिक पिछले कई दिनों से कार्यालय नहीं आ रहा था। इसे देखते हुए सचिवालय प्रशासन ने अनुभाग को खुला रखा, हालांकि सैनिटाइजेशन कराया गया था।
कोविड-19 महामारी और दैवीय आपदा की दोहरी चुनौती के बीच प्रभारी सचिवों को अपने अपने जिलों का भ्रमण करना होगा। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह के मुताबिक, सभी प्रभारी सचिव एहतियात बरतते हुए भ्रमण करेंगे।
बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा करने को लेकर पत्र जारी किया था। सभी मंत्रियों से उन्होंने अपेक्षा की है कि वे प्रभार वाले जिलों में जाकर जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर कोविड-19 महामारी और मानसून के दौरान उत्पन होने वाले प्रतिकूल हालातों से निपटने में जन सहयोग की भूमिका निभाएं।
मंत्रियों के साथ ही सभी प्रभारी सचिवों को भी कमर कसने के लिए कह दिया गया है। सचिवालय में कई प्रमुख नौकरशाहों को जिलों के प्रभारी सचिव का जिम्मा है। लेकिन लंबे समय से कई प्रभारी सचिवों ने जिलों का दौरा नहीं किया है। कोविड 19 महामारी से पूर्व मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रभारी सचिवों ने अपने जिलों के दौरों की बाकायदा रिपोर्ट तैयार कर मुख्य सचिव को सौंपी थी। लेकिन उसके बाद यह परंपरा आगे नहीं बढ़ सकी।
प्रभारी सचिव अपने अपने जिलों का भ्रमण करें। इस दौरान वे पूरी एहतियात बरतें। जिलों के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करें।
- उत्पल कुमार सिंह, मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन
देहरादून जिले में गुरुवार को पांच नर्सों समेत कोरोना के 68 नए मरीज सामने आए। सभी मरीजों को जिले के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। देहरादून में कोरोना संक्रमण का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को भी जिले में 68 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई। इसके अलावा एम्स ऋषिकेश में भर्ती कोरोना संक्रमित एक व्यक्ति की मौत हो गई।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीसी रमोला ने बताया कि एम्स से ऋषिकेश निवासी चार व्यक्तियों सहित पंद्रह लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें एक साल से लेकर 14 साल की उम्र के चार बच्चे भी शामिल हैं। दो सीआरपीएफ के जवान भी संक्रमित मिले हैं। आराघर के पास एक निजी अस्पताल की पांच स्टाफ नर्स समेत छह कर्मचारी और वहां भर्ती एक महिला में भी कोरोना संक्रमण मिला है।
विकासनगर में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता समेत 11 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। अन्य लोगों की हिस्ट्री पता की जा रही है। सीएमओ ने बताया कि जिस अस्पताल का स्टाफ संक्रमित मिला है, वहां कुल 41 कर्मचारी, अधिकारी व चिकित्सा कर्मी चिह्नित किए गए हैं। जो संक्रमितों के नजदीकी संपर्क में थे। सभी की जांच कराई जा रही है। इन्हें होम क्वारंटाइन रहने और एहतियात बरतने के लिए कहा गया है।
उल्लेखनीय है कि देहरादून जिले में अब तक कोरोना के 1289 मामले आ चुके हैं। जिनमें 828 स्वस्थ हो गए हैं। कोरोना संक्रमित 401 मरीज अस्पतालों व कोविड-केयर सेंटर में भर्ती हैं, जबकि 26 लोग यहां से बाहर चले गए हैं। 34 मरीजों की अब तक जिले में मौत हो चुकी है।