1. टैक्सी, ऑटो सहित कोई भी सार्वजनिक वाहन।
2. सभी दुकानें, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, ऑफिस, फैक्ट्री, वर्कशॅाप, गोदाम, रेस्ट्रारेंट आदि।
3. स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की ओर से तय करने पर सभी घरेलू एवं विदेशी पर्यटक घरों पर
क्वारंटीन रहेंगे।
4. लोग घरों पर रहेंगे और केवल जरूरी काम के लिए ही बाहर निकलेंगे और सोशल डिस्टेंसिंग को
लेकर पूर्व में दिए गए निर्देशों का पालन करेंगे।
5. एक जगह पांच से अधिक लोग नहीं होंगे जमा, छूट वाली दुकानों में भी पांच तक ही कर्मी रहेंगे।
राज्य की सीमा भी बंद, बाहर से कोई नहीं आएगा
- अंतरराज्यीय सीमा बंद, केवल जरूरी वस्तुओं के लिए आवागमन की अनुमति है।
शहर से बाहर से नहीं होगा मूवमेंट
निजी वाहनों से घूमने के लिए शहर से बाहर भी नहीं जा सकेंगे। घूमने जाने के लिए भी रोक है। अगर आप देहरादून से ऋषिकेश जाना चाह रहे हैं तो वाजिब कारण आपके पास होना चाहिए।
1. न्याय एवं विधि तथा मजिस्ट्रीयल ड्यूटी से संबंधित आफिस
2. पुलिस
3. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
4. स्थानीय शहरी निकाय जैसे पालिका, निगम आदि
5. अग्नि
6. बैंक, एटीएम
7. प्रिंट, इलेक्ट्रानिक एवं सोशल मीडिया
8. संचार सेवाएं, आईटी एवं आईटीईएस
9. डाक सेवा
10. सप्लाई चेन एवं संबंधित परिवहन
11. ई कामर्स या खाना, फार्मा, चिकित्सा उपकरण
12. भोजन, सब्जी, दूध, ब्रेड, फल, मीट, मछली,
13. राशन की दुकानें, गैस, तेल एजेंसियां और इनके गोदाम, इनसे संबंधित परिवहन सेवा, कहीं
भी पांच से ज्यादा नहीं
14. अस्पताल, केमिस्ट स्टोर, दवा एवं फार्मा निर्माण यूनिट, एवं इनसें संबंधित परिवहन सेवा
15. पेट्रोल पंप, एलपीजी गैस,
16. निर्माण और उत्पादन की सतत प्रक्रिया के कारखानों को जिलाधिकारी से अनुमति लेनी
होगी
17. अति आवश्यक वस्तुओं के निर्माण से संबंधित इकाइयां
18. निजी संस्थान जो इन सेवाओं या वस्तुआें के निर्माण से संबंधित हैं
- डीएम, एसपी, एडीएम/एसडीएम, तहसीलदार, शहरी निकायों के ईओ को जरूरी व्यवस्था
करने के लिए अधिकार दिया गया है। स्थानीय पुलिस इनका सहयोग करेगी। उत्तराखंड
महामारी एक्ट (कोविड 19) 2020 के तहत आदेश न मानने पर तीन से छह माह की सजा और
जुर्माना।
- 31 मार्च की रात 12 बजे तक का है यह प्रतिबंध।
- 22 मार्च को नौ बजे से 31 मार्च की रात बारह बजे तक यह प्रतिबंध लागू रहेंगे।
कोरोना इस समय पूरे विश्व में ही महामारी का रूप ले चुकी है। यह सामने आया है कि संपर्क से ही यह संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसे में एक दूसरे से लोगों की दूरी बनी रहे। इस वजह से ही यह फैसला लिया गया है। लोगों से अपील भी की जाएगी कि वे इसे सजा न माने। यह जन स्वास्थ्य को देखते हुए उठाया गया कदम है।
- नीतेश झा, सचिव स्वास्थ्य