उत्तराखंड के रुड़की में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए हरिद्वार जिला प्रशासन ने आईआईटी रुड़की के अस्पताल के छह कमरों को अपने अंडर में लेकर आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर दिया है। इसे आपात स्थिति के लिए रिजर्व रखा गया है। वहीं, 14 दिन की निगरानी में रखे गए आईआईटी के तीन छात्रों को छुट्टी दे दी गई तो विदेश से लौटे एक प्रोफेसर समेत नौ छात्रों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर निगरानी शुरू कर दी गई है।
दूसरी ओर, सिविल अस्पताल में खांसी, जुकाम की शिकायत पर अस्पताल पहुंचे दो मरीजों का सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजा गया है। आईआईटी रुड़की के अस्पताल के छह कमरों को जिला प्रशासन ने आइसोलेशन वार्ड में परिवर्तित कर स्वास्थ्य विभाग की टीम नियुक्त कर दी है। जरूरत पड़ने पर यहां कोरोना के संदिग्ध भर्ती होंगे तो आईआईटी प्रशासन केवल सहयोग करेगा। इलाज समेत सभी प्रकार की सुविधाएं स्वास्थ्य विभाग खुद करेगा।
फिलहाल, इस वार्ड में किसी मरीज को भर्ती नहीं किया गया है, लेकिन आईआईटी के खोसला इंटरनेशनल हाउस में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में एक प्रोफेसर समेत नौ नए छात्र निगरानी के लिए भर्ती किए गए हैं। ये छात्र कुछ दिन पहले स्पेन और अमेरिका से लौटे हैं। जबकि, हाइड्रोलॉजी विभाग के एक प्रोफेसर हाल ही में विदेश से लौटे हैं। सभी की हालत सामान्य है। इसके अलावा पहले से भर्ती चार छात्रों में से तीन को छुट्टी दे दी गई है।