राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोना संक्रमित या संदिग्ध कोरोना मरीजों को सलाह, उपचार और सुझाव को लेकर कोऑर्डिनेशन डेस्क बनाई गई है। अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एनएस खत्री ने इसके निर्देश जारी कर दिए हैं।
कोऑर्डिनेशन डेस्क कोरोना के संक्रमित और लक्षण वाले मरीजों के चेकअप, काउंसिलिंग, भर्ती, उपचार और अन्य जरूरी जानकारी देने के लिए स्थापित की गई है। इसमें पुरानी बिल्डिंग में बिलिंग काउंटर के पास वाले कक्ष में इस डेस्क को बनाया गया है। सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक एपीआरओ दिनेश कुमार और दोपहर दो बजे से शाम आठ बजे तक एपीआरओ संदीप राणा तैनात रहेंगे।
जनसंपर्क अधिकारी महेंद्र सिंह भंडारी इसकी मॉनीटरिंग करते रहेंगे। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित और संदिग्ध मरीजों को देखने के लिए उप चिकित्सा अधीक्षकों की ड्यूटी लगायी गई है। डिप्टी एमएस डॉ. मनोज शर्मा और डॉ. रविंद्र बिष्ट तीन-तीन दिन शाम छह से आठ बजे तक अस्पताल में कोरोना संक्रमित या संदिग्ध मरीजों के हालचाल जानने के लिए वार्डों का राउंड लेंगे। रविवार को प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक राउंड लेंगे। राउंड के दौरान जनसंपर्क अधिकारी महेंद्र सिंह भंडारी भी साथ रहेंगे।
स्पेन समेत कई देशों का प्रशिक्षण भ्रमण कर लौटे इंदिरा गांधी नेशनल फारेस्ट एकेडेमी के प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी में कोरोना वायरस का संक्रमण पाए जाने के बाद सुरक्षा के सारे एहतियाती कदम उठा लिए गए हैं। केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय व स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर जहां 45 प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों को उनके हास्टलों में ही कोरेंटाइन कर दिया गया है। वहीं 26 अधिकारियों की आइसोलेशन में निगरानी की जा रही है।
एकेडमी के प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों के साथ ही ट्रेनिंग देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों में संक्रमण न हो, इसके लिए विशेष टीम 24 घंटे अधिकारियों, कर्मचारियों की निगरानी कर रही है। इंदिरा गांधी नेशनल फारेस्ट एकेडेमी के एडिशनल डायरेक्टर एसके अवस्थी ने बताया कि प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी में कोरोना वायरस का संक्रमण पाए जाने के बाद तमाम एहतियाती कदम उठाए गए हैं। संक्रमित आईपीएस अधिकारी के साथ गए 28 अन्य अधिकारियों में आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है।
केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजी जा रही रिपोर्ट
प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी में कोरोना वायरस का संक्रमण पाए जाने के बाद केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने एकेडमी के निदेशक से दैनिक रिपोर्ट तलब की है। एडिशनल डायरेक्टर अवस्थी ने बताया कि मंत्रालय को प्रतिदिन की रिपोर्ट भेजी जा रही है। साथ ही राज्य सरकार व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी हरसंभव सहयोग किया जा रहा है।
कोरोना से लड़ाई के लिए जिला प्रशासन ने एक कदम और बढ़ाया है। संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुभारती मेडिकल कॉलेज और एक निजी होटल के भवन को अधिग्रहीत किया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में कोरोना को लेकर सभी स्थिति नियंत्रण में है। सभी अस्पताल अलर्ट मोड पर हैं। इसके अलावा अन्य प्रबंध भी किए जा रहे हैं।
चूंकि, जनपद में आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्रशासन किसी भी निजी भवन को अधिग्रहीत कर उसे जनहित में इस्तेमाल कर सकती है। लिहाजा, इसी के तहत प्रेमनगर के पास सुभारती मेडिकल कॉलेज और कोटड़ा संतोर के होटल टेक्जीन के भवन को तत्काल प्रभाव से अधिग्रहीत किया गया है। यह दोनों भवन अग्रिम आदेशों तक प्रशासन के अंतर्गत ही रहेंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मीनाक्षी जोशी को आदेश दिए गए हैं कि सुभारती मेडिकल कॉलेज में आइसोलेशन वार्ड बनाएं। इसके अलावा होटल की बिल्डिंग को कोरेंटाइन वार्ड बनाए जाने को तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में सुभारती मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक और होटल स्वामी के साथ भी बैठक कर आदेशों के अनुपालन के निर्देश दिए जा चुके हैं।
2726066 और 1077 पर दें सूचना
जिलाधिकारी ने बताया कि कोरोना से संबंधित किसी भी सूचना को जिला आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम के नंबरों पर सूचना दी जा सकती है। 01352726066 और 1077 को कंट्रोल रूम के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। यदि किसी को भी कोरोना के संदिग्ध या अन्य कोई सूचना देनी हो तो वह इन नंबरों पर कॉल कर सकता है।