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उत्तराखंड सरकार का फैसला, प्रमोशन पर लगी रोक हटी, कर्मचारियों की हड़ताल खत्म

Wed, 18 Mar 2020 08:31 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • 15 वें दिन टूटा गतिरोध, सीएम ने निगम कर्मचारी महासंघ से की बात
  • मुख्य सचिव को बैठक करने के दिए निर्देश, महासंघ ने आज से आंदोलन में शामिल होने की दी थी चेतावनी
  • कर्मचारियों ने खेली होली 
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उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार का बड़ा फैसला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड सरकार ने करीब सात माह बाद प्रमोशन पर लगी रोक को हटा दिया है। 11 सितंबर 2019 को सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले बाद प्रमोशन पर रोक लगाने वाले आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही जनरल ओबीसी कर्मचारी बेमियादी हड़ताल से वापस लौट गए हैं।

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बुधवार को मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह और अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के साथ एसोसिएशन के नेताओं और राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ के पदाधिकारियों के साथ वार्ता हुई। वार्ता में पदोन्नति पर रोक हटाने पर सहमति बनी। इसके बाद मुख्य सचिव ने सर्वोच्च न्यायालय के सात फरवरी के आदेश के क्रम में पदोन्नति पर रोक लगाने वाले 11 सितंबर 2019 के आदेश को निरस्त कर दिया।

साथ ही पांच सितंबर 2012 के अनुसार आगे की कार्रवाई करने को कहा। सरकार ने पांच सितंबर 2012 के तहत राजकीय सेवाओं, शिक्षण संस्थाओं, सार्वजनिक उद्यमों, निगमों व स्वायत्तशासी संस्थाओं में प्रमोशन देने का फैसला किया है। इस आदेश में प्रमोशन में आरक्षण पर रोक की व्यवस्था है। सभी विभागों को प्रत्येक दशा में एक हफ्ते में वरिष्ठता के आधार पर प्रमोशन की कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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इसके साथ ही अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी ने सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, विभागाध्यक्षों, प्रमुख कार्यालयाध्यक्षों, आयुक्त गढ़वाल और कुमाऊं  मंडल, सभी जिलाधिकारियों तथा सभी निगमों, संस्थानों के प्रबंध निदेशकों को कार्रवाई से अवगत कराने को भी कहा। प्रमोशन से रोक हटाने के प्रदेश सरकार के फैसले के बाद 16 दिन से बेमियादी हड़ताल कर रहे प्रदेश के जनरल ओबीसी कर्मचारियों ने हड़ताल स्थगित कर दी है।  

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अर्न लीव में मर्ज होगी हड़ताल की अवधि

सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों का वेतन नहीं रुकेगा। सरकार ने उन्हें राहत देते हुए कार्य बहिष्कार के दौरान की अवधि को अर्न लीव में मर्ज करने की इजाजत दे दी है। जिन कर्मचारियों के पास अर्न लीव नहीं है, उनकी कार्यबहिष्कार की अवधि भविष्य मिलने वाली अर्न लीव में मर्ज हो जाएगी। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी ने आदेश जारी कर दिए। कर्मचारी दो मार्च से 18 मार्च तक कार्य बहिष्कार पर रहे थे।

कर्मचारियों ने खेली होली 
सरकार के इस फैसले के बाद उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के नेताओं ने परेड मैदान स्थित धरना स्थल पर पहुंचकर 16 दिन से जारी बेमियादी हड़ताल स्थगित करने की घोषणा की। फैसले से उत्साहित कर्मचारियों ने एक दूसरे के साथ होली खेलकर खुशी का इजहार किया।
 
कोरोना अलर्ट का था दबाव
प्रमोशन खोलने और बेमियादी हड़ताल के टलने के पीछे कोरोना वायरस का मंडरा रहा खतरा एक बड़ी वजह बना। इस खतरे के दबाव में ही सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों की मांग पर नरम रुख दिखाया। तो आर पार की लड़ाई लड़ रहे जनरल ओबीसी कर्मचारी भी नरम पड़े।  

कर्मचारी एकता की जीत हुई और उनका संघर्ष रंग लाया। सरकार ने आश्वस्त किया है कि किसी कर्मचारी का उत्पीड़न नहीं किया जाएगा। यदि किसी कर्मचारी के उत्पीड़न करने का प्रयास हुआ तो आंदोलन फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
- दीपक जोशी, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन

हम मुख्यमंत्री के आभारी हैं कि उन्होंने कर्मचारियों की जायज मांग को माना। कोरोना वायरस का खतरा प्रदेश पर मंडरा रहा है। ऐसे वक्त में कर्मचारियों की हड़ताल स्थगित होना राहत की बात है। महासंघ ने गतिरोध को तोड़ने में उत्प्रेरक का कार्य किया।
- बीएस रावत, प्रदेश महासचिव, निगम अधिकारी कर्मचारी महासंघ
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