सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों का वेतन नहीं रुकेगा। सरकार ने उन्हें राहत देते हुए कार्य बहिष्कार के दौरान की अवधि को अर्न लीव में मर्ज करने की इजाजत दे दी है। जिन कर्मचारियों के पास अर्न लीव नहीं है, उनकी कार्यबहिष्कार की अवधि भविष्य मिलने वाली अर्न लीव में मर्ज हो जाएगी। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी ने आदेश जारी कर दिए। कर्मचारी दो मार्च से 18 मार्च तक कार्य बहिष्कार पर रहे थे।
कर्मचारियों ने खेली होली
सरकार के इस फैसले के बाद उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के नेताओं ने परेड मैदान स्थित धरना स्थल पर पहुंचकर 16 दिन से जारी बेमियादी हड़ताल स्थगित करने की घोषणा की। फैसले से उत्साहित कर्मचारियों ने एक दूसरे के साथ होली खेलकर खुशी का इजहार किया।
कोरोना अलर्ट का था दबाव
प्रमोशन खोलने और बेमियादी हड़ताल के टलने के पीछे कोरोना वायरस का मंडरा रहा खतरा एक बड़ी वजह बना। इस खतरे के दबाव में ही सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों की मांग पर नरम रुख दिखाया। तो आर पार की लड़ाई लड़ रहे जनरल ओबीसी कर्मचारी भी नरम पड़े।
कर्मचारी एकता की जीत हुई और उनका संघर्ष रंग लाया। सरकार ने आश्वस्त किया है कि किसी कर्मचारी का उत्पीड़न नहीं किया जाएगा। यदि किसी कर्मचारी के उत्पीड़न करने का प्रयास हुआ तो आंदोलन फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
- दीपक जोशी, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन
हम मुख्यमंत्री के आभारी हैं कि उन्होंने कर्मचारियों की जायज मांग को माना। कोरोना वायरस का खतरा प्रदेश पर मंडरा रहा है। ऐसे वक्त में कर्मचारियों की हड़ताल स्थगित होना राहत की बात है। महासंघ ने गतिरोध को तोड़ने में उत्प्रेरक का कार्य किया।
- बीएस रावत, प्रदेश महासचिव, निगम अधिकारी कर्मचारी महासंघ