आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मिर्थी के कमांडेंट अनुप्रीत टी बोरकर ने बताया कि इस बार यात्रा मार्ग पर काफी अधिक बर्फबारी हुई है। गुंजी में अभी ढाई तो लिपुपास के पास चार फीट से अधिक बर्फ जमा है। गुंजी से लेकर लिपुपास तक 26 किमी का पैदल रास्ता पूरी तरह बर्फ से ढका हुआ है।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में अब भी बर्फबारी हो रही है। ऐसे में यदि यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया जाता है तो एवलांच आने का भी खतरा बना हुआ है। मौसम खुलने के बाद जवान बर्फ हटाने का कार्य शुरू करेंगे।
कोरोना वायरस के चलते यदि कैलाश यात्रा स्थगित हुई तो केएमवीएन को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ेगा। इससे निगम की व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ेगा। कुमाऊं के काठगोदाम से यात्री निगम के डीडीहाट, धारचूला, बूंदी, गुंजी, कालापानी, नाभीढांग टीआरसी में विश्राम करते हैं। साथ ही एक रात नाभी गांव में होम स्टे होता है। केएमवीएन के जीएम अशोक जोशी ने बताया कि पिछले वर्ष यात्रा से चार करोड़ रुपये का व्यवसाय हुआ था।