मंत्री अपने विधानसभा क्षेत्रों को ही नहीं छोड़ रहे। विधानसभाओं से राजधानी दून आ भी जाते हैं तो सरकारी बंगलों से ही कामकाज निपटाते हैं। वहीं, मुख्यमंत्री निर्धारित दिनों में विधानसभा पहुंच रहे हैं। जनता से भी नियमित मिल रहे हैं। मंत्रियों की मुख्यमंत्री के आदेशों को नहीं मानने और विधानसभा स्थित कार्यालयों से बनाई दूरी की वजहें साफ नहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने जनता से सीधे जुड़ने के लिए विधानसभा में दो दिन अनिवार्य रूप से बैठने का आदेश दिया था। उन्होंने आम जनता को यह संदेश दिया था कि बुधवार और बृहस्पतिवार को पूरा मंत्रिमंडल विधानसभा में मिल जाएगा।
इससे दूर दराज के क्षेत्रों से काम के लिए आने वाले लोगों को सहूलियत होगी। लोग आदेश के बाद विधानसभा पहुंच रहे हैं, लेकिन अधिकांश मंत्री गायब होने से उनके हाथ निराशा ही लग रही है।