तमाम परीक्षण के बाद कोरोना वायरस की पुष्टि न होने के बाद छात्रा को घर जाने की अनुमति दी गई। बुधवार को यह छात्रा लोहाघाट पहुंची। छात्रा को कोरोना के डर से 15 दिन तक चीन में घर में बंद रहने को मजबूर होना पड़ा था।
अब छात्रा के घर आने से माता-पिता, दादी व परिवार के अन्य लोग खुश हैं। कोरोना फैलने की खबर के बाद से परिवार में बेटी को लेकर डर का माहौल था। परिजन फोन से बेटी को नसीहत देने के साथ ही हौसला देते रहे। बुधवार को बेटी को अपने सामने पाकर मां समेत तमाम परिजनों के खुशी के आंसू छलक उठे।