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कोराना: चीन से लौटे पांच लोगों के घर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम, संदिग्ध मरीज को नेपाल लौटाया

Wed, 04 Mar 2020 11:27 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काशीपुर/ पिथौरागढ़
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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दिल्ली में कोरोनावायरस के तीन मरीज मिलने पर उत्तराखंड में हाई अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पांच लोगों के घर नहीं मिलने पर रिपोर्ट तैयार उच्चाधिकारियों को भेज दी है। 

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मुख्य चिकित्साधिकारी ने एक से 29 फरवरी के बीच चीन से यात्रा कर काशीपुर वापस आने वाले एक दर्जन लोगों की एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल को सूची भेजकर स्क्रीनिंग रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।

मंगलवार को सरकारी अस्पताल की टीम कोर्ट रोड, बाजपुर रोड द्रोणासागर के पास, कूर्मांचल कॉलोनी पहुंची लेकिन कोई भी व्यक्ति घर पर नहीं मिला। टीम बुधवार को भी चीन से आने वाले यात्रियों की घर की तलाश में निकलेगी। 
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नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमरजीत सिंह साहनी ने बताया कि डॉ. अनिल का पुत्र जयपुर में रहकर डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा है। वह सिंगापुर गया था। कोर्ट रोड निवासी मां-बेटी चंडीगढ़ में रहती है। वह हांगकॉंग गईं थी। कूर्मांचल कालोनी के दो व्यक्ति दिल्ली में रहते हैं। वह सिंगापुर में गए थे। इन व्यक्तियों ने चीन होते हुए यात्रा की है। एक भी व्यक्ति घर पर नहीं मिला है।

रिपोर्ट तैयार कर जिले को भेज दी है। बता दें कि सरकारी अस्पताल की टीम 31 दिसंबर से 29 जनवरी के बीच काशीपुर के 9 लोगों की रिपोर्ट तैयार कर भेज चुकी हैं। टीम में फार्मासिस्ट हरीश चंद्र जोशी, शादाब, अशोक आदि थे। 

धारचूला झूलापुल से संदिग्ध मरीज को नेपाल लौटाया

कोरोनावायरस के खतरे के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय झूलापुल पर विशेष चौकसी बरती जा रही है। मंगलवार को जांच के दौरान एक नेपाली युवक को संदिग्ध पाते हुए सुरक्षा बलों ने उसे लौटा दिया।

सुनसेरा (नेपाल) निवासी युवक काठमांडू से भारत के रास्ते अपने घर जा रहा था। उसके पास काफी सामान था। एसएसबी की महिला कांस्टेबल देवकी भट्ट, अनुप्रिया और सतीश कुमार ने उसकी चेकिंग की। वह बुखार और सर्दी-जुकाम से पीड़ित था। उन्होंने डॉ. लक्ष्य को जानकारी दी।

डॉ. लक्ष्य ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. नौनिहाल सिंह को सूचना दी। चिकित्सकों की टीम ने रमेश सिंह की जांच के बाद उसे वापस नेपाल भेज दिया। रमेश सिंह ने बताया कि वह पिछले पांच-छह माह से काठमांडू के एक रेस्टोरेंट में काम कर रहा था। उसने बताया कि बुधवार को वह दार्चुला अस्पताल में जांच कराएगा। 

इधर, झूलापुल पर डॉ. लक्ष्य, डॉ. आशीष टम्टा, डॉ. पूरन थलाल, फार्मासिस्ट गजेंद्र भोगिया की टीम ने 115 लोगों की जांच की। बलुवाकोट में डॉ. राकेश खाती की टीम ने 50 और जौलजीबी में डॉ. रमेश के नेतृत्व में 40 लोगों की जांच कर कोरोनावायरस के बारे में जानकारी दी गई।
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कोरोनावायरस को लेकर कॉर्बेट प्रशासन लापरवाह

कोरोनावायरस से विश्व में हड़कंप मचा है और दिल्ली, नोएडा व आगरा में भी कोरोनावायरस से ग्रसित मरीज भी मिले हैं। इसके बावजूद कॉर्बेट प्रशासन की ओर से सतर्कता नहीं बरती जा रही है। यहां आने वाले विदेशी सैलानियों की जांच पड़ताल नहीं हो रही है।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में विदेशी सैलानी काफी संख्या में आते हैं। ऐसे में विदेशी सैलानियों को लेकर कॉर्बेट प्रशासन की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई है। अप्रैल 2019 से फरवरी 2020 तक देशभर के दो लाख 35 हजार सैलानी कॉर्बेट पार्क घूम चुके हैं। वहीं इस दौरान पांच हजार से अधिक विदेशी सैलानी कॉर्बेट घूमने आए। दिसंबर 2019 से फरवरी 2020 तक एक हजार से अधिक विदेशी सैलानी पार्क में भ्रमण कर चले गए।

कोरोनावायरस को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं। हालांकि यहां आने वाले किसी विदेशी सैलानी के स्वास्थ्य की जांच नहीं की गई।
- राहुल, निदेशक सीटीआर
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