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उत्तराखंड में सामने आया कोरोना वायरस का पहला मामला, ट्रेनी आईएफएस में हुई पुष्टि

Sun, 15 Mar 2020 09:25 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • परीक्षा से पहले सेनेटायजर से साफ होंगी मेज और कुर्सियां
  • महामारी घोषित हो चुका कोरोना, सिनेमाघर व मल्टीप्लेक्स 31 तक बंद
  • इटली की कोराना से संदिग्ध नागरिक एम्स  में भर्ती, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के दो परिसर कोरेंटीन, आइसोलेशन जोन घोषित
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी देहरादून के एक ट्रेनी आईएफएस अफसर में कोरोना की पुष्टि हुई है। संक्रमित ट्रेनी को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, अस्पताल में भर्ती कर दिया है। इनके अलावा सेलाकुई के एक शिक्षण संस्थान के छात्र-छात्रा को कोरोना जैसे लक्षण सामने आने पर भर्ती किया गया है। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण का पहला मामला सामने आने से अकादमी से लेकर शासन तक में हड़कंप की स्थिति है।

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स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर तैयारियों पर मंथन किया। इसके साथ ही अकादमी परिसर में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा संस्थान के अधिकारियों, कर्मचारियों को वायरस के प्रति जागरूक करने के साथ ही कॉलोनियों में दवाओं का छिड़काव भी शुरू कर दिया गया है।वन अनुसंधान संस्थान के निदेशक अरुण सिंह रावत ने बताया कि पर्यटकों की एक बहुत बड़ी तादात प्रतिदिन संस्थान परिसर में भ्रमण करने आती है। कोरोना वायरस के मद्देनजर एहतियात के तौर पर प्रवेश पर रोक लगाई गई है। 

देहरादून जिले से शनिवार तक 20 सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें छह सैंपल ट्रेनी अफसरों के थे। रविवार को दो ट्रेनी अफसरों की जांच रिपोर्ट आई। जिसमें एक ट्रेनी आईएफएस की रिपोर्ट पॉजीटिव पाई गई है। इस पर आनन-आनन में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की टीम ने अकादमी प्रशासन से संपर्क किया। साथ ही इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अकादमी प्रशासन को सभी ट्रेनी आईएफएस अफसरों, वहां रह रहे अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों और उनके संपर्क में आए लोगों की निगरानी करने का कहा है।

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स्वास्थ्य विभाग की टीम स्वयं भी इन पर नजर रखे हुए हैं। सीएमओ डॉ. मीनाक्षी जोशी ने ट्रेनी आईएफएस में कोरोना की पुष्टि की। साथ ही कहा कि इस संबंध में सभी संभावित कदम उठाए जा रहे हैं। कोरोना के नोडल अफसर डॉ अनुराग की देखरेख में ट्रेनी अफसर का इलाज शुरू कर दिया है। इनके अलावा सेलाकुई के एक शिक्षण संस्थान के एक छात्र और छात्रा को भी भर्ती किया गया है। छात्र विदेशी टूर पर गया हुआ था। दोनों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं।

सभी ट्रेनी आईएफएस और अन्य पर रखी जा रही नजर

उल्लेखनीय है कि बृहस्पतिवार देर शाम और शुक्रवार को फीनलैंड, स्पेन और रूस आदि देशों से अकादमी के 62 ट्रेनी अफसर प्रशिक्षण लेकर देहरादून लौटे थे। बाहरी देशों से आने पर संस्थान ने इसकी सूचना जिले के स्वास्थ्य विभाग को दी।

डॉक्टरों की टीम ने अकादमी पहुंचकर विदेश से लौटे सभी ट्रेनी आईएफएस अफसरों की स्क्रीनिंग की। जिनमें कोरोना जैसे लक्षण नजर आने पर शुक्रवार को चार और शनिवार को दो ट्रेनी अफसरों के सैंपल लेकर डॉ. सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी जांच के लिए भेजा। रविवार को दो सैंपल की जांच रिपोर्ट आ गई है। जिसमें एक में कोरोना की पुष्टि हुई है। चार की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी आइसोलेशन जोन घोषित

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के दो परिसरों को कोरेंटीन व आइसोलेशन जोन घोषित कर दिया गया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने उत्तराखंड ऐपिडेमिक डिजीज कोविड- 19 रेगुलेशन एक्ट के तहत आदेश जारी किया है।

उन्होंने बताया कि अकादमी के न्यू हॉस्टल छात्रावास के ब्लॉक ए से लेकर ई तक और एफ ब्लॉक के पश्चिमी विंग को कोरेंटीन जोन घोषित किया गया है। अकादमी के न्यू हास्टल के ब्लाक एफ की पूर्वी विंग को आइसोलेशन जोन घोषित किया गया है। जिलाधिकारी डॉ. श्रीवास्तव ने वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी न्यू फारेस्ट हॉस्पिटल एफ आरआई को निर्देश दिए हैं कि सभी ब्लाकों में रह रहे सभी प्रशिक्षु अधिकारियों की प्रतिदिन जांच करायी जाए और उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से जिला प्रशासन को मुहैया करायी जाए ताकि रिपोर्ट को सरकार व शासन को भेजी जा सकें।

इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती और यदि ऐसा पाया गया तो संबंधित अधिकारियाें के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी में कोरोना वायरस पाए जाने के संबंध में जब अकादमी के एडिशनल डायरेक्टर एसके अवस्थी से जानकारी चाही गई तो संपर्क नहीं हो पाया।

महामारी घोषित हो चुका कोरोना

त्तराखंड सरकार ने कोरोना को महामारी घोषित कर दिया है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने इस बात की पुष्टि की है। वायरल संक्रमण से बचाव के लिए प्रदेश में उत्तराखंड महामारी रोग अधिनियम (कोविड-19) में लागू कर दिया है।

इससे जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को वायरस की रोकथाम के लिए असीमित अधिकार प्राप्त हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसके तहत अब स्कूल और आंगनबाड़ी के बाद राज्य के सभी कॉलेज, सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स 31 मार्च तब बंद रहेंगे। लेकिन मेडिकल कॉलेज खुले रहेंगे। वहीं राज्य में आइसोलेशन वार्ड के लिए 50 करोड़ की राशि मंजूर की है।

सिनेमाघर व मल्टीप्लेक्स 31 तक बंद 

कोरोना वायरस को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने 31 मार्च तक जिले के सभी सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स बंद रखने के आदेश दिए हैं। आदेश का पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। 

जिलाधिकारी ने कहा कि कोरोना वायरस से विभिन्न प्रदेशों में संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने तथा इसकी रोकथाम व बचाव को लेकर सभी सिनेमाघरों, मल्टीप्लेक्स में फिल्मों के संचालन पर 31 मार्च तक के लिए रोक लगा दी गई है। ऐसा न करने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश सिनेमा रेगुलेशन अधिनियम 1955 तथा अन्य सुसंगत कानून के अंतर्गत कार्रवाई की चेतावनी दी है। 

कोरोना पर नगर निगम सुस्त
कोरोना वायरस पर देहरादूनक में नगर निगम सुस्त है। बीते पांच मार्च को मेयर सुनील उनियाल गामा ने कोरोना को लेकर जागरुकता के लिए स्वास्थ्य अनुभाग को पोस्टर, होर्डिंग आदि लगाने के निर्देश दिए थे। लेकिन, अधिकारियों की सुस्ती का आलम यह है कि उनके स्तर पर अभी तक कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। 

कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया गया है। दुनिया भर में इसे लेकर लोगों में दहशत का माहौल है। लेकिन, इसके उलट निगम के अधिकारी अब भी सोये हुए हैं। मेयर गामा और नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देश के 10 दिन बाद भी शहर में जागरुकता पोस्टर, होर्डिंग्स आदि नहीं दिख रहे हैं। शायद निगम के स्वास्थ्य अनुभाग के जिम्मेदार किसी घटना का इंतजार कर रहे हैं। 

इटली की कोराना से संदिग्ध नागरिक एम्स में भर्ती

बता दें कि रविवार दोपहर को ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला के पास कोरोना से संदिग्ध इटली से आई महिला को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एम्स में भर्ती कराया है। महिला को अभी आईसोलेशन वार्ड में रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि मामला संदिग्ध है, इसलिए महिला के ब्लड सैंपल पुणे जांच के लिए भेजे जाएंगे। जानकारी के अनुसार, महिला 29 फरवरी को ऋषिकेश घूमने आई थी।

उस दौरान उसने लक्ष्मण झूला के पास होटल में कमरा लिया था। वहां बारिश में भीगने के कारण उन्हें खांसी और जुकाम की शिकायत हो गई। इसके चलते जब डॉक्टरों को दिखाया तो कुछ कोरोना वायरस जैसे लक्षण मिले। इसके बाद विभागीय टीम ने महिला को एम्स में भर्ती कराया।

उधर, सितारगंज में ग्रीस से घूमकर लौटी युवती को देखते ही कोरोना वायरस के संदेह से गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। वहीं, सूचना मिलते ही खुफिया एजेंसी, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम युवती के घर पहुंची और थर्मल स्कैनिंग की। युवती ने बताया कि उसे दिल्ली में दो बार जांच के बाद ही घर भेजा गया है। दरोगा हरविंदर कुमार ने बताया कि युवती बिजटी गांव की रहने वाली है। पांच महीने पहले वह ग्रीस की राजधानी एथेंस घूमने गई थी। 
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परीक्षा से पहले सेनेटायजर से साफ होंगी मेज और कुर्सियां

प्रदेश के सभी सरकारी और अशासकीय डिग्री कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में परीक्षा से पहले एल्कोहल युक्त सेनेटायजर से मेज और कुर्सियों को साफ किया जाएगा। कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए शासन ने सभी सरकारी, अशासकीय, प्राइवेट डिग्री कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों को इसके निर्देश जारी किए हैं।

अपर सचिव उच्च शिक्षा डॉ.अहमद इकबाल ने राज्य विश्वविद्यालयों एवं निजी विश्वविद्यालयों के समस्त कुल सचिव और निदेशक उच्च शिक्षा को जारी निर्देश में कोरोना वायरस से बचाव के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी कॉलेजों में वर्कशॉप, कांफ्रेंस, सेमिनार और संगोष्ठी 31 मार्च तक के लिए स्थगित की जाएं। वहीं, जिन कॉलेजों में परीक्षाएं चल रही हैं, परीक्षा कराने से पहले कक्षाओं के डोर नॉब, स्विच हैंड रेलिंग, मेज और कुर्सियों को सेनेटायजर से साफ कराया जाए।

बाथरूम को साफ सुथरा रखा जाए। हर कॉलेज एवं विश्वविद्यालय में एल्कोहल बेस्ड सेनेटायजर एवं पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कक्षा में टिशु पेपर रखे जाएं। यूज्ड टिशु पेपर को निस्तारित करने के लिए प्लास्टिक बैग सहित पेडल वाले डस्ट बिन रखे जाएं।
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