कोरोनावायरस के मद्देनजर सीएमओ डॉ. मीनाक्षी जोशी ने अधिकारियोें के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। डॉ. जोशी ने सभी सीएचसी, पीएचसी में इलाज की समुचित व्यवस्था की हिदायत दी है। इसके अलावा अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध कराने के साथ ही अस्पतालों में आने वाले लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया। सीएमओ ने कहा कि लोगों को कोरोना से बहुत अधिक डरने की जरूरत नही है। इलाज के पर्याप्त इंतजाम हैं।
एयरपोर्ट पर यात्रियों की जांच कर रही टीम
सीएमओ डॉ. मीनाक्षी जोशी ने बताया कि देश विदेश से आने वाले हवाई यात्रियों से कोरोना कहीं दस्तक न दे दे, इसके लिए डॉक्टराें, पैरा मेडिकल की टीम जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर तैनात की गई है। यह टीम प्रत्येक यात्री की एयरपोर्ट पर जांच कर रही है। जांच उपरांत ही यात्रियों को एयरपोर्ट से बाहर आने दिया जा रहा है।
जांच में सभी सात संदिग्धों के सैंपल निगेटिव
सीएमओ डॉ. जोशी के मुताबिक विभाग टीम ने सात संदिग्धों के नमूने पैथालाजी जांच के लिए एम्स भेजे गए थे। जांच में सभी नमूने निगेटिव पाए गए हैं। बहरहाल सभी सरकारी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकोें व निजी अस्पतालों के संचालकाें को हिदायत दी गई है कि वे किसी भी मरीज में यदि कोरोना के लक्षण मिलें तो तत्काल इसकी जानकारी मुहैया कराने के साथ ही सैंपल लेकर पैथालाजी जांच कराई जाए।
कोरोनावायरस को लेकर लोग में कितना भय है, इसका पता सोमवार को उस समय लगा जब एक सरकारी कार्यालय में एक अधिकारी ने मिलने आए एक व्यक्ति से हाथ मिलाने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अब हाथ न मिलाकर पुरानी परंपरा हाथ छोड़कर राम राम बोलने का समय आ गया है। कारण पूछने पर अधिकारी ने इस सतर्कता के पीछे कोरोनावायरस के फैलने का खतरा बताया।
चीन से शुरू हुए कोरोनावायरस की दहशत लोगों के दिलोदिमाग में दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। जनपद में स्वास्थ्य विभाग भी कोरोनावायरस को लेकर बेहद संवेदनशीलता बरत रहा है। वहीं सोमवार को एक व्यक्ति एक सरकारी विभाग के कार्यालय में किसी काम से पहुंचा। व्यक्ति ने हाथ मिलाने के लिए कुर्सी पर बैठे अधिकारी की ओर किया, लेकिन अधिकारी ने इससे पहले ही दोनों हाथ जोड़कर राम राम बोल दिया।
अधिकारी ने बताया कि कोरोनावायरस का संक्रमण व्यक्ति से व्यक्ति में ही फैलता है। लिहाजा हाथ मिलाने की परंपरा को बदलकर राम राम बोलने की प्रथा को बढ़ावा देना होगा। इससे कोरोनावायरस की संभावना बेहद कम होगी। वहीं राम का नाम भी दो बार मुंह से निकलेगा। इसके बाद उक्त व्यक्ति ने अधिकारी की पहल का स्वागत किया।
कोरोनावायरस को लेकर उत्तराखंड एथलेटिक्स फेडरेशन ने खिलाड़ी और कोचों के लिए एडवायजरी जारी की है। इसमें बाहरी राज्यों में खेलने जाने वाले खिलाड़ी-कोचों को बचाव के कई उपाय अपनाने को कहा गया है। एथलेटिक्स फेडरेशन के सेक्रेटरी केजेएस कलसी ने कहा कि देश के कई हिस्सों में भी कोरोनो वायरस फैलने की जानकारी मिल रही है। इस बीमारी से खिलाड़ी व कोचों के बचाव के लिए एडवायजरी जारी की जा रही है।
कहा कि अब पटियाला (पंजाब) में सीनियर फेडरेशन कप व भोपाल (एमपी) में जूनियर फेडरेशन कप (अंडर-20) होना है। इसमें उत्तराखंड एथलेटिक्स की टीमों ने भी हिस्सा लेना है। यहां दूसरे राज्यों की टीमें भी शामिल होंगी। इसलिए फेडरेशन की ओर से खिलाड़ियों को जागरूक किया जा रहा है।
कोरोनावायरस से संक्रमित मरीज के लक्षण
-संक्रमित मरीज को गंभीर थकावट महसूस होती है।
-मरीज को गंभीर जुकाम हो जाता है।
-खांसी होने के साथ ही कफ निकलता है।
-गले में घाव होने जैसा महसूस होता है।
-तेज बुखार के साथ सिरदर्द होता है।
कैसे करें बचाव
-भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
-अधिक से अधिक पानी पिएं।
-जुकाम, खांसी से पीड़ित व्यक्ति से दूरी बनाकर रहें।
-छींकने व खांसी आने पर रुमाल का इस्तेमाल करें।
-दिन में कई बार साबुन से हाथ धोने के साथ ही सेेनेटाइजर लगाएं।