परिजन की मृत्यु या चिकित्सीय आपात स्थिति में राज्य सरकार की ओर से संबंधित लोगों को अनिवार्य रूप से सशर्त अनुमति प्रदान की गई है। इसके तहत संबंधित व्यक्ति को स्मार्ट सिटी के ई पास वेब पोर्टल पर आवेदन करना होगा। सत्यापन के बाद जिला प्रशासन आवाजाही के लिए अनुमति देगा और ई पास जारी करेगा। अंत्येष्टि में अधिकतम 20 लोग ही शामिल हो सकेंगे।
अस्थि विसर्जन में चार लोग होंगे शामिल
हरिद्वार में अस्थि विसर्जन में अधिकतम चार लोग ही शामिल हो सकेंगे। निजी व सरकारी वाहनों में 50 प्रतिशत की क्षमता के हिसाब से ही सवारियां बैठेंगी। बाहरी राज्यों से अस्थि विसर्जन के लिए आने वालों के लिए 72 घंटे की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य होगी।
दो बजे तक होगा बैंकों में काम
बैंकों में 10 बजे से दो बजे दिन तक काम हो सकेगा। इस अवधि में बैंक शाखाओं के एटीएम खुलेंगे। यही व्यवस्था राज्य कर्मचारी वित्त संस्थान पर भी लागू होगी।
परचून की दुकान के साथ बेकरी भी खुलेगी
सरकारी राशन की दुकान के साथ बेकरी को भी सुबह सात बजे से 10 बजे तक खोलने की अनुमति दी गई है।
सस्ते गल्ले की दुकान सात से 10 खुलेंगी
सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानें पूरे सप्ताह सात बजे से 10 बजे तक खुली रहेंगी।
कोविड कर्फ्यू के दौरान इस सप्ताह परचून की दुकानें 21 मई को खुलेंगी। लेकिन परचून की दुकानों के खुलने का समय सुबह सात से 10 बजे तक कर दिया गया है, पहले दुकानें से सुबह 7 से 12 बजे तक खोली जा रही थीं।
रजिस्ट्रेशन कराकर एक जगह से दूसरी जा सकेंगे
राज्य से एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए अब स्मार्ट सिटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा, लेकिन मैदानी क्षेत्रों से पहाड़ में जाने वाले लोगों को 72 घंटे की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट साथ रखनी होगी। 72 घंटे की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट का प्रावधान इससे पूर्व की एसओपी में भी था। इसकी वजह से पहाड़ के जिलों में एक जगह से दूसरी जगह जाने वाले लोगों को प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा था। मामले को लेकर संशय था, सरकार ने इस संशय को दूर कर दिया है।
लोगों की सुरक्षा के लिए कोविड कर्फ्यू को बढ़ाया गया है। लोग इसमें सहयोग करें। कोविड महामारी की रोकथाम में कोई आर्थिक परेशानी नहीं है। सीएचसी व पीएचसी को मजबूत किया जा रहा है। सभी जगह आक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र की जनता आरटीपीसीआर जांच से न घबराए।
-सुबोध उनियाल, शासकीय प्रवक्ता, उत्तराखंड शासन