प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर काबू में आ गई है, लेकिन संक्रमण दर में मैदानी जिलों की तुलना में पर्वतीय जिले आगे हैं। संक्रमण दर में अल्मोड़ा जिला फिर से पहले नंबर पर आया गया है। बीते सात दिन में 10141 संक्रमित मामले मिले हैं।
प्रदेश में 27 मई से दो जून तक 13 जिलों में 235517 सैंपलों की जांच की गई। जिसमें 10141 लोग संक्रमित मिले हैं। अल्मोड़ा जिला में 8304 सैंपलों की जांच में 734 संक्रमित मिले। जांच के आधार पर अल्मोड़ा की संक्रमण दर 8.84 प्रतिशत है। जो अन्य 12 जिलों की तुलना में सबसे अधिक है। पिथौरागढ़ जिले की संक्रमण दर 8.40 प्रतिशत, चमोली की 8.23 प्रतिशत, पौड़ी की 7.95 प्रतिशत दर्ज की गई। रुद्रप्रयाग जिले की 6.38 प्रतिशत, उत्तरकाशी की 4.62 प्रतिशत, टिहरी की 4.16 प्रतिशत संक्रमण दर है। जबकि देहरादून जिले की 3.96 प्रतिशत, हरिद्वार की 2.35 प्रतिशत, ऊधमसिंह नगर जिले की 2.28 प्रतिशत है।
सोशल डेवलपमेंट फार कम्युनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल का कहना है कि मैदानी जिलों की तुलना में अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चमोली जिले की संक्रमण दर आठ प्रतिशत से ज्यादा है। पहाड़ों में सैंपल जांच कम होने के साथ ही संक्रमित मामले ज्यादा मिल रहे हैं। जिससे संक्रमण दर अधिक है। सरकार व स्वास्थ्य विभाग को पहाड़ों में कोविड जांच बढ़ाने की आवश्यकता है।
सेनेटरी पैड, राशन व मेडिकल किट की दस हज़ार खेप भेजी पहाड़
महिला एवं बाल कल्याण संस्थान ने दस हज़ार से अधिक सेनेटरी पैड, मेडिकल एवं राशन किट की पहली खेप पहाड़ भेजी। कोरोना संक्रमण से पीड़ित एवं जरूरतमंदों की मदद के लिए संस्थान की ओर से राहत सामग्री का ट्रक बृहस्पतिवार को रवाना किया गया।
संस्थान की अध्यक्ष अनुकृति गुसाई ने बताया कि पहले चरण में रुद्रप्रयाग, पौड़ी व उत्तरकाशी में जिला प्रशासन एवं युवाओं की मदद से राहत सामग्री का वितरण किया जाएगा। ताकि असल जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंच सके। अनुकृति ने कहा कि कोरोना काल में लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। संस्थान की ओर से जरूरतमंदों की मदद का पूरा प्रयास किया जाएगा।