कोरोना संक्रमण की तीसरी संभावित लहर से बचाव के लिए हिमालयन अस्पताल ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। अस्पताल में नियोनेटल, बाल रोग विभाग, नर्सिंग, इंफेक्शन कंट्रोल समेत अन्य मेडिकल स्टॉफ और टास्क फोर्स गठित कर दी गई है।
एसआरएचयू कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने बताया कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर की आंशका व्यक्त की है। इसमें बच्चों को अधिक खतरा बताया जा रहा है। अस्पताल ने तीसरी लहर के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। डॉ. धस्माना ने बताया कि कोविड अस्पताल की बिल्डिंग में कोविड डेडिकेटेड एनआईसीयू और पीआईसीयू वार्ड अलग से तैयार कर लिया गया है।
शुरूआती चरण में दोनों की क्षमता 10 से 20 बिस्तरों की होगी। इसमें आवश्यक उपकरण लगाए जा रहे हैं। वार्ड में एक परिजन के रुकने और भोजन की व्यवस्था की जाएगी। परिजनों को कोविड नियमों का पालन करना होगा। विशेषज्ञों की निगरानी में तमाम चिकित्सकों ,नर्सों और अन्य मेडिकल स्टॉफ को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है।
गठित की गई टास्क फोर्स का काम कोविड वार्ड दवाई, मेडिकल उपकरण सहित अन्य जरूरतों और बेड की उपलब्धता के लिए समन्वय करना रहेगा। उन्होने बताया कि अस्पताल की सभी ओपीडी और आईपीडी सेवाएं भी सुचारू हो गई है। गंभीर रोगियों के लिए उपचार के लिए सर्जरी भी शुरू कर दी गई है।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता कर्नल अजय कोठियाल (रि.) ने कोरोना महामारी में संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए 20 बेड का मिनी मिलिट्री अस्पताल जनता को समर्पित किया। यूथ फाउंडेशन की टीम ने सेना के मानकों पर अस्पताल को तैयार किया है। जिसमें इलाज की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल में कोरोना मरीजों का निशुल्क इलाज किया जाएगा।
देहरादून के शिमला बाईपास रोड क्षेत्र में मैक्सिमा हेल्थ केयर नाम से यह अस्पताल संचालित होगा। इसके लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अनुमति मिल चुकी हैं। कर्नल कोठियाल ने कहा कि कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में सभी को आगे आने की जरूरत है। अस्पताल को सेना के मापदंडों के अनुरूप तैयार किया गया है।
मरीजों के इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक के साथ कुशल मेडिकल स्टाफ उपलब्ध रहेगा। यूरोलॉजिस्ट डॉ. अशोक लूथरा, डॉ. हरीश बसेरा, और डॉ. आशीष कोठियाल सेवाएं देंगे। कर्नल कोठियाल ने कहा कि देहरादून से शुरू हुई इस पहल को प्रदेश के अंतिम छोर तक पहुंचाने की हरसंभव कोशिश की जाएगी। जल्द ही इस अस्पताल की तर्ज पर प्रदेश के दूसरे शहरों में भी हॉस्पिटल शुरू किए जाएंगे। जिससे कोरोना मरीजों को इलाज की सुविधा मिल सके। अस्पतालों में मरीजों को पौष्टिक भोजन भी दिया जाएगा।