विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि कोरोना काल में मां-बाप को खो चुके बच्चों के लिए मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना बड़ी सौगात साबित होगी। उन्होंने इसे सरकार की सराहनीय पहल बताया।
विधानसभा अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा कि कोरोना वायरस की पहली और दूसरी लहर के प्रकोप के बीच मुसीबत का पहाड़ उन बच्चों पर टूटा, जिन्होंने महामारी की वजह से अपने माता-पिता दोनों को खो दिया। वे बेसहारा हो गए। ऐसे बच्चों के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा इस योजना के माध्यम से उठाया गया कदम बेहद लाभकारी है।
उन्होंने कहा कि राज्य के ऐसे बच्चों की आयु 21 वर्ष होने तक उनके भरण-पोषण व शिक्षा की व्यवस्था के लिए प्रतिमाह तीन हजार रुपये का भत्ता दिया जा रहा है। साथ ही ऐसे सभी बच्चों को राज्य की सरकारी नौकरियों में पांच प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण भी दिया जा रहा है। विस अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बीच प्रदेश के भीतर अनाथ अथवा निराश्रित हुए बच्चे अब राज्य की संपत्ति हैं। उन सभी बच्चों का वर्तमान एवं भविष्य सुरक्षित होगा।