कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मनसा देवी प्रबंधन ने मंदिर परिसर में विदेशी श्रद्घालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी है। केवल भारतीय श्रद्घालु ही मंदिर परिसर में आ सकेंगे, लेकिन वे भी मंदिर के गर्भगृह में नहीं जा सकेंगे।
मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने बताया कि कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए यह जरूरी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस को लेकर सरकार की ओर से जारी गाइड लाइन को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने बताया कि संक्रमण रोकने के लिए मंदिर परिसर में लगातार सेनिटाइज का कार्य किया जा रहा है। ट्रस्टी प्रदीप शर्मा और तरुण कुमार गांगुली ने बताया कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
मंदिर आने वाले श्रद्धालु की संख्या घटी
कोरोना वायरस के प्रभाव का असर मनसा देवी मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्घालुओं की संख्या पर साफ दिखाई दे रहा है। हर रोज जहां पांच से सात हजार श्रद्घालु इस सीजन में भी इस मंदिर में आते रहे हैं वहीं अब केवल एक हजार से पंद्रह सौ तक ही आ रहे हैं।
कोरोना के कारण जड़धार नहीं आएगी मां सुरकंडा की डोली
कोरोना की वजह से मां सुरकंडा देवी की डोली जड़धार गांव लाने की परंपरा नहीं निभाई जाएगी। मंदिर समिति और ग्रामीणों ने यह कार्यक्रम आगामी शरदीय नवरात्र तक टाल दिया है।
कोरोना वायरस के बढ़ते सक्रंमण से टिहरी झील में रोमांच के सफर पर भी ब्रेक लग गया है। सैलानी झील में बोटिंग करने नहीं आ रहे है। इस स्थिति को देखते हुए बोट संचालकों ने टिहरी झील विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण (टाडा) से प्रति माह लिया जाना वाला पांच हजार शुल्क माफ करने की मांग की है। इधर, ईको पार्क समिति ने वन विभाग की एडवायजरी पर धनोल्टी के ईको पार्क को 31 मार्च तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया है।
घनसाली पिलखी से लेकर उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ तक 42 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली टिहरी झील में वर्तमान समय में 99 बोटे संचालित हो रही है। ऑफ सीजन दिसंबर से लेकर मार्च माह तक झील क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 250 से लेकर 300 सैलानी बोटिंग करने पहुंचते हैं, लेकिन देशभर में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के संक्रमण चलते इन दिनों सैलानी टिहरी झील की तरफ रुख नहीं कर रहे हैं।
गंगा बोट यूनियन के संरक्षक कुलदीप पंवार, अध्यक्ष लखवीर चौहान ने बताया कि पिछले 8-10 दिनों से एक भी पर्यटक बोटिंग करने नहीं पहुंचा है। इधर, धनोल्टी ईको पार्क समिति के सचिव तपेंद्र बैलवाल ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए 31 मार्च तक ईको पार्क भी पर्यटकों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है।
अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया में सेना की सीएसडी कैंटीन अगामी 31 मार्च तक बंद रहेगी। कैंटीन में चौखुटिया के अलावा गैरसेंण, द्वाराहाट, भिकियासैंण व स्याल्दे आदि क्षेत्रों के पूर्व सैनिक सामान खरीदते हैं। हल्द्वानी में बिग बाजार, वॉक वे और विशाल बाजार बंद कर दिया गया है।
गढ़वाल मंडल विकास निगम के द्रोण होटल को कोरोना आइसोलेशन अस्पताल के रूप में बनाने की तैयारी पर आज मुहर लग सकती है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। जरूरत पड़ने पर मरीजों यहां भर्ती किया जाएगा। वहीं इसके विरोध में निगम के कर्मचारी संगठन पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के कर्जन रोड स्थित निवास पर पहुंचे और अपना विरोध दर्ज कराया।
वहीं देहरादून नगर में हाउस टैक्स जमा करने वालों लोगों की लंबी लाइन को देखते हुए यह व्यवस्था बंद की जा सकती है। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते शासन की जमाखोरों पर भी पैनी नजर है। शासन ने खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे हर दिन के स्टाफ और कीमतों का ब्योरा देंगे।
कोरोना वायरस से जंग जारी है। कुमाऊं में इसके बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कुछ और मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। रानीखेत के हैड़ाखान और द्वाराहाट के दूनागिरि मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पूर्णागिरि धाम में रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक काली मंदिर प्रवेश द्वार के कपाट बंद रखने को निर्णय लिया गया है। नंधौर अभयारण्य को अनिश्चितकाल के लिए तो कॉर्बेट संग्रहालय, कॉर्बेट वॉटर फॉल, बराती रौ झरने को 31 मार्च तक बंद कर दिया है। कॉर्बेट गांव देखने आने वाले पर्यटकों ने होम स्टे की बुकिंग रद्द कर दी है।
खटीमा में 100 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की नैनीताल सर्किट बेंच और प्रदेश में 24 मार्च को होने वाले जिला योजना समिति के चुनाव को स्थगित कर दिया है। हाईकोर्ट परिसर में आवाजाही नियंत्रित करने के लिए दूसरे दिन भी परिसर के मुख्य गेट को छोड़कर सभी गेट बंद रखे गए। उत्तराखंड विवि भी 25 मार्च तक बंद कर दिया गया है।
रामनगर में कोरोना आशंकित मरीज के क्वारंटीन में भर्ती होने से हड़कंप मच गया। यह मरीज 12 फरवरी को सीरिया से मुंबई लौटा था और 9 मार्च को रामनगर पहुंचा था। इधर, हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भी कोरोना संक्रमण की आशंका में एक व्यक्ति को भर्ती कराया गया है। उधर, लालपुर क्षेत्र की एक कॅलोनी में ऑस्ट्रेलिया से लौटी महिला के स्वास्थ्य की जांच की गई। महिला पूरी तरह स्वस्थ है। वहीं, ऊधमसिंह नगर जिला अस्पताल में कोरोना वायरस के दो संदिग्ध मरीजों की जांच की गई। दोनों देहरादून से लौटे हैं। दोनों में वायरस की आशंका नहीं है।
ट्रेनों के संचालन पर भी रोक
कई ट्रेनों के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है। काठगोदाम-देहरादून 21 से 31 मार्च तक, रामनगर-चंडीगढ़ 30 मार्च को और टनकपुर-दिल्ली 31 मार्च तक, रामनगर आगरा फोर्ट 24 से 31 मार्च तक, लालकुआं -आनंद विहार (टर्मिनल) 24 से 31 मार्च तक संचालित नहीं होगी।