सुबह-शाम हर की पैड़ी क्षेत्र को सैनेटाइज किया जा रहा है। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से सभा लगातार प्रचार कर रही है कि श्रद्धालु सभी द्वार पर रखे सैनेटाइजर का उपयोग करें। इसके अलावा यात्रियों के हाथ धोने के लिए भी साबुन रखे गए हैं।
महामंत्री तन्यम वशिष्ट ने बताया दिनभर चलने वाले स्नान में तो यात्री फुटकर रूप से आते जाते रहते हैं। लेकिन शाम की आरती के समय चार बजे से सात बजे तक भीड़ का जमावड़ा होता है।
इस समय गंगा सभा के करीब दो दर्जन कर्मचारियों सैनेटाइजंर स्प्रे के साथ चारों ओर उतरा जा रहा है। आरती के समय भी ये कर्मचारी श्रद्धालुओं के हाथों पर सैनेटाइजर का छिड़काव करते रहते हैं। कर्मचारियों को सुरक्षित रहने के लिए मास्क भी प्रदान किए गए हैं।
कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
सीएमओ को निर्देश दिया गया है कि जिलों में भ्रमण कर रहे विदेशी पर्यटकों की स्क्रीनिंग की जाए। जबकि होटल, विश्राम गृहों में ठहरे ऐसे विदेशी पर्यटकों को आईसेलेशन फैसिलिटी में रखा जाए।
प्रभारी सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य डा.पंकज कुमार पांडे एवं स्वास्थ्य महानिदेशक डा.अमिता उप्रेती ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सीएमओ को दिए निर्देश मेें कहा कि कॉर्बेट नेशनल पार्क एवं सीमावर्ती पर्यटक स्थलों में रह रहे विदेशी पर्यटकों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया जाए। विदेश यात्रा से लौटे नागरिकों की भी स्क्रीनिंग की जाए।
स्वास्थ्य महानिदेशक डा.अमिता उप्रेती ने कहा कि कोरोना को राज्य में महामारी घोषित किए जाने के बाद एपीडेमिक डिजिज एक्ट 1897 लागू कर दिया गया है। जिसके बाद किसी भी स्तर पर लापरवाही के लिए सीएमओ उत्तरदायी होंगे।
उन्होंने भारत सरकार की गाइड लाइन के बारे में बताते हुए कहा कि युद्ध स्तर पर तैयारी कर लें। वही आपदा नियंत्रण के साथ मिलकर मॉक ड्रिल कर ली जाए। ताकि कोरोना वायरस के मरीजों के अचानक आने पर तेजी से इलाज किया जा सके।
स्वास्थ्य महानिदेशक ने जिलों को अलग-अलग सेक्टरों में बांटते हुए रणनीति बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर अस्पताल में कोरोना के संदिग्ध मरीजों के लिए अलग काउंटर बना लिया जाए। जबकि ओपीडी में कतई भीड़ न लगने दी जाए।