उधर, विशेषज्ञ कोरोना की नई लहर के खतरे को देखते हुए कुंभ मेला में खास एहतियात बरतने की वकालत कर रहे हैं। डॉ. अजीत गैरोला का कहना है कि कुंभ मेला में कोविड गाइडलाइन में किसी भी तरह की ढील देना संक्रमण को घातक रूप में बुलावा देना है।
उनके अनुसार, सामाजिक दूरी का पालन कराना मास्क पहनना और कोविड निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता जरूरी है। कोरोना संक्रमण के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर रहे अनूप नौटियाल का कहना है कि प्रधानमंत्री ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कोविड के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है।
उन्होंने सभी राज्यों से कम से कम 70 प्रतिशत आरटीपीसीआर टेस्ट कराने का आह्वान किया है। कांटेक्ट ट्रेसिंग और एसओपी का पालन कराने की दृष्टि से कुंभ मेला बेहद संवेदनशील है। इस दिशा में सरकार को ज्यादा गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
बढ़ने लगे हैं कोरोना के मामले
राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना के मामले बढ़ने लगे है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना की दूसरी लहर का खतरा जताया है। दिसंबर के बाद रिकार्ड 35871 संक्रमित मिले हैं। महाराष्ट्र में एक ही दिन में 25 हजार से ज्यादा मामले हैं।
चार दिन में प्रदेश में 297 नए मामले
प्रदेश में 16 मार्च को 65 नए संक्रमित मिले। 17 मार्च को यह संख्या 110 और 18 मार्च को 88 पहुंची। शुक्रवार को 99 नए संक्रमित मिले। 16 मार्च तक प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 97 हजार 931 थी, जो बढ़कर 19 मार्च तक 98228 पहुंच गई। चार दिन में 297 नए मामले आए हैं। देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर में संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है।