प्रदेश सरकार अब परीक्षण की संख्या बढ़ाने जा रही है। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि परीक्षणों की संख्या को कितना बढ़ाया जाएगा।
मुख्य सचिव का कहना है कि आईसीएमआर की गाइडलाइन के मुताबिक परीक्षण किए जाएंगे। राज्य की ओर से अधिक से अधिक परीक्षण करने की कोशिश की जा रही है और हरिद्वार में पूरी क्षमता के हिसाब से परीक्षण किए जाएंगे।
अभी तीन शाही स्नान बाकी हैं और शाही स्नान के दौरान लाखों लोग हरिद्वार पहुंचते हैं। यह स्वीकार किया जा रहा है कि अन्य राज्यों से आने वाले सभी श्रद्धालुओं के पास जरूरी नहीं कि कोविड निगेटिव का प्रमाणपत्र हो ही।
ऐसे में राज्य सरकार को एक ही दिन में बड़ी संख्या में परीक्षण का बंदोबस्त करना होगा या श्रद्धालुओं को आने से रोकना होगा। फिलहाल जिस तरह की नीति है उसमें श्रद्धालुओं को रोके जाने की संभावना कम ही है।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद से हरिद्वार के कई अफसर और अखाड़ों के संत आउट ऑफ रीच हो गए हैं। मुख्यमंत्री 10 दिन के दौरान तीन बार हरिद्वार आए। अखाड़ों के संत, अधिकारी एवं नेता उनके नजदीकी संपर्क में रहे। वहीं धर्मनगरी में सोमवार को 51 मरीज मिलने के बाद मंगलवार को 25 पॉजिटिव मरीज मिले हैं।
जिलाधिकारी की ओर से सोमवार को सीएम के संपर्क में आए लोगों को होम आइसोलेट होने की सलाह जारी की गई। सलाह देने के बाद मंगलवार को खुद डीएम समेत कई अखाड़ों के संतों के मोबाइल नंबर पहुंच से दूर हो गए। मंगलवार को एक अखाड़ा के पांच संतों के कोरोना पॉजिटिव की अफवाह ने कयासों को हवा दे दी। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने संतों के पॉजिटिव आने और किसी के होम आइसोलेट होने की जानकारी से इनकार किया है।
बता दें, सीएम तीरथ सिंह रावत के कोरोना पॉजिटिव आने से हरिद्वार में हड़कंप है। मुख्यमंत्री 10 दिनों के भीतर तीन बार हरिद्वार आए थे। हरकी पैड़ी पर गंगा आरती, अखाड़ों में संतों से मुलाकात, अधिकारियों एवं भाजपा नेताओं के साथ बैठक में काफी भीड़ रही। ऋषिकुल आयुर्वेदिक विवि में नेत्रकुंभ के शुभारंभ में भी काफी भीड़ रही।
सीएम के पॉजिटिव आने पर सोमवार को जिलाधिकारी सी रविंशकर की ओर से विज्ञप्ति जारी की गई थी। इसमें 20 मार्च के सीएम के हरिद्वार कार्यक्रम के दौरान उनके संपर्क में आए लोगों से होम आइसोलेट रहने और कोविड जांच कराए जाने की सलाह दी गई।
डीएम की सलाह के बाद कई नेता, अफसर और अखाड़ों के संतों के फोन आउट आफ रीच हो गए हैं। इनमें खुद डीएम सी रविशंकर भी शामिल हैं। डीएम के मोबाइल फोन पर दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक 12 बार संपर्क किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि, महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि का मोबाइल फोन भी पहुंच से बाहर रहा। इनके अलावा कई संतों, नेताओं और अधिकारियों के मोबाइल नंबर नहीं मिले। देर शाम एक अखाड़ा के पांच संतों के कोरोना पॉजिटिव आने की अफवाह रही।
इससे अफसरों और संतों के एहतियातन होम आइसोलेट होने के कयासों को हवा मिल गई। हालांकि, देर रात को डीएम सी रविशंकर और श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने बताया कि सीएम के नजदीकी संपर्क में नहीं रहे। उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से मास्क पहना था। इसलिए होम आइसोलेट नहीं हैं।
मुख्यमंत्री के नजदीकी संपर्क में आए लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके लिए टीमें लगाई गई हैं। संपर्क में आने वालों से सोमवार को ही एहतियातन होम आइसोलेट और कोविड जांच कराने की अपील की गई। अभी तक किसी भी बड़े अधिकारी और संत ने होम आइसोलेट होने और कोविड सैंपल कराए जाने की जानकारी नहीं है।
-डॉ. एसके झा, सीएमओ