कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को रोकने के लिए जहां सरकार व स्वास्थ्य विभाग की ओर सैंपल बढ़ाने के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन दो दिनों से प्रदेश में 10 हजार से कम सैंपलों की जांच की जा रही है। जिससे जांच के लिए भेजे गए 37 हजार से ज्यादा सैंपलों की रिपोर्ट प्रतीक्षा में है।
कोरोना का खतराः हरिद्वार के गणेशपुरम में एक साथ 14 कोविड संक्रमित मिलने से हड़कंप, दो की मौत
कोरोना संक्रमण रोकने के लिए हाईकोर्ट ने कुंभ क्षेत्र में प्रतिदिन 50 हजार सैंपलों की जांच करने के आदेश सरकार को दिए हैं। प्रदेश में सैंपलों की जांच बढ़ने के बजाए कम हो रही है। एक अप्रैल को जहां पूरे प्रदेश में 17870 सैंपलों की जांच की गई।
वहीं, दो दिनों में सैंपल जांच की संख्या 10 हजार से कम हो गई है। प्रदेश में कोविड की आरटीपीसीआर जांच के लिए आठ सरकारी लैब है। इसके लिए अलावा कुंभ मेला के आठ निजी पैथोलॉजी लैब को अधिकृत किया गया है।
सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल का कहना है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण फिर से बढ़ रहा है। ऐसे में संक्रमण को रोकने के लिए सैंपल जांच बढ़ाने की आवश्यकता है। लेकिन दो दिनों में सैंपल जांच में कमी आई है।
प्रदेश में तीन दिन में हुई सैंपल जांच
दिन - सैंपल जांच
एक अप्रैल - 17870
दो अप्रैल - 9655
तीन अप्रैल - 9094