मुख्यमंत्री ने प्रदेश में लगभग पांच सौ से अधिक आशा फेसिलिटेटर को दो हजार रुपये सम्मान निधि देने की घोषणा की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि रक्षाबंधन और कोविड सम्मान के रूप में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दी गई सम्मान राशि को शीघ्र उनके खाते में भेजा जाए। कोरोना वॉरियर्स की मृत्यु पर भी मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये दिए जाएंगे।
बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में होम आइसोलेशन हेतु निर्देश पुस्तिका का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरी टीम की जांच एवं मानकों के हिसाब से होम आइसोलेशन की व्यवस्था की जाए। होम आइसोलेशन के बजाय अस्पताल एवं कोविड केयर सेंटर को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की सैंपल टेस्टिंग और अधिक बढ़ाई जाए।
सर्विलांस सिस्टम को और मजबूत करने की जरूरत है। कोविड रिकवरी रेट में सुधार एवं मृत्यु दर कम करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। प्रदेश में जो लोग प्राइवेट लैब में कोविड सैंपल टेस्ट करा रहे हैं, यह सुनिश्चित करा लें कि प्रत्येक व्यक्ति का पता एवं मोबाइल नंबर सही हो।
बैठक में मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेेगी, गढ़वाल कमिश्नर रविनाथ रमन, डीजी लॉ एंड आर्डर अशोक कुमार, सचिव शैलेश बगोली, पंकज कुमार पांडेय, एसए मुरूगेशन, आईजी संजय गुंज्याल, अपर सचिव एवं चिकित्सा शिक्षा निदेशक युगल किशोर पंत, अपर सचिव सोनिका, डीजी स्वास्थ्य डॉ. अमिता उप्रेती आदि उपस्थित थे।