प्रदेश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमित मामलों को देखते हुए शासन स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों की लगातार निगरानी की जा रही है। शुक्रवार को मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम व बचाव के लिए नोडल अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि संक्रमण से बचाव के लिए तैयारियों में किसी तरह से ढील न हो। पीएचसी और सीएचसी स्तर पर पर्याप्त मात्रा में दवाईयों और आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
सचिवालय में हुए बैठक में मुख्य सचिव ने सभी नोडल अधिकारियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए। उन्होंने होम आइसोलेशन और उससे संबंधित सभी आवश्यक तैयारियों को सक्रिय स्थिति में रखने को कहा। प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत घर, स्कूलों में दी जाने वाली सुविधाओं को समय रहने पूरा किया जाए।
मुख्य सचिव ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक चिकित्सा आवश्यक उपकरण, दवाएं समेत अन्य चिकित्सा सामग्री की कोई कमी न हो। कोविड की दूसरी लहर के बाद प्रदेश में ऑक्सीजन उपलब्धता की बेहतर स्थिति है। तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए हरसंभव तैयारी करनी है। आयुष विभाग के माध्यम से इम्युनिटी बूस्ट के कार्यों को लगातार जारी रखा जाए और इसका प्रचार प्रसार भी किया जाए।
छोटी-छोटी वीडियो के माध्यम से लोगों को कोविड संक्रमण के प्रति सजग करने की आवश्यकता है। इसके लिए स्थानीय भाषाओं में छोटे वीडियो बना कर प्रचार प्रसार करें। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को चिकित्सा उपकरण के वितरण और अस्पतालों के लिए दवाईयां आपूर्ति प्रबंधन को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, सचिव अमित नेगी, आर. मीनाक्षी सुंदरम, डीजीपी संजय गुंज्याल, वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सचिव दिलीप जावलकर, एसएस मुरुगेशन, चंद्रेश यादव मौजूद रहे।
खुलने में थूकने और कचरा फेंकने वालों के विरुद्ध चलाएं अभियान
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रदेश भर में सफाई के साथ सैनिटाइजेशन के लिए अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को कोविड संक्रमण के प्रति सजग करने के लिए लगातार घोषणाएं की जाए। सार्वजनिक स्थलों में मास्क न पहनने वालों के साथ ही थूकने और कचरा फेंकने वालों के विरुद्ध कार्रवाई कर चालान करने के निर्देश दिए हैं।