परिवहन विभाग कार्यालय में अभी महज तीस फीसद काम हो रहा है। ड्राइविंग लाइसेंस के साथ ही गाड़ियों के परमिट, टैक्स जमा कराने और फिटनेस जांच का कोटा निर्धारित है। फिलहाल आरटीओ में 70 ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के साथ ही 20 नए लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस, 25 गाड़ियों के परमिट और 20 गाड़ियों के फिटनेस की जांच हो रही है।
आरटीओ डीसी पठाई ने बताया कि ऐसी महिला कर्मचारी जिनके 10 साल से कम उम्र के बच्चे हैं और 55 साल से अधिक उम्र वाले कर्मचारियों को दफ्तर नहीं बुलाया जा रहा है। ऐसे में 50 फीसदी कर्मचारी ही ड्यूटी पर आ रहे हैं। आरटीओ में कई पटल खोले गए थे, लेकिन कर्मचारियों की कमी के चलते कुछ को बंद करना पड़ रहा है। आरटीओ डीसी पठाई ने बताया कि कोरोना संकट से पहले कार्यालय में प्रतिदिन औसतन 15 सौ वाहन स्वामियों के कामकाज निपटाए जाते थे। लेकिन अब इनकी संख्या बेहद सीमित कर दी गई है।
ऊर्जा विभाग: पटरी पर आने लगी व्यवस्था
लॉकडाउन के बाद अनलॉक शुरू होने के बाद से ही ऊर्जा विभाग में बिलिंग, मीटरिंग से लेकर तमाम कार्य शुरू हो चुके हैं। सभी बिलिंग सेंटरों को पूरी तरह से खोल दिया गया है। हालांकि, बिलिंग सेंटरों में अतिरिक्त सावधानियां बरती जा रही है। लोगों को सैनिटाइज किया जा रहा है। साथ ही हर बिलिंग सेंटर पर लोगों का तापमान अनिवार्य रूप से लिया जाता है।
लॉकडाउन के बाद से कोर्ट में व्यवस्थाएं पूरी तरह से सुचारू नहीं हो पाई हैं। सेशन और मजिस्ट्रेट कोर्ट में अलग अलग रोस्टर जारी हैं। ज्यादातर मामले ऑनलाइन सुने जा रहे हैं। इनमें भी अधिकतर जमानत अर्जियां ही सुनी जा रही हैं।
हालांकि, रोस्टरवार न्यायालय में वहां चल रहे मामलों की सुनवाई भी हो रही है। कचहरी परिसर में भी वकीलों की संख्या एक तिहाई से कम रह गई है। वकील भी अपने जरूरी काम निपटाने के बाद तत्काल लौट जाते हैं। कचहरी परिसर में आने-जाने के रास्ते अभी भी सीमित हैं।
एसएसपी कार्यालय: फरियादियों के लिए अलग टेबल
एसएसपी कार्यालय में भी व्यवस्थाएं पूरी तरह से सुचारु नहीं हो पाई हैं। यहां पहले फरियादी ऊपर के तल पर जाकर शिकायतें दर्ज कराते थे। कोरोना की वजह से उनके लिए ग्राउंड फ्लोर पर ही टेबल लगाई गई है।
हर आने वाले फरियादी को पहले सैनिटाइज किया जाता है, इसके बाद ही जरूरी होने पर ऊपर जाने की अनुमति मिलती है। हालांकि डीआईजी अरुण मोहन जोशी निर्धारित समय में फरियादियों से मुलाकात कर रहे हैं। थानों में भी इसी तरह गेट पर टेबल लगाए गए हैं। कोरोना संकट के चलते पुलिस भी पूरी सावधानी के साथ काम कर रही है।