फ्लू ओपीडी में यदि किसी मरीज में कोरोना संक्रमण का शक हुआ तो ऐसे मरीजों का मौके पर ही एंटीजन टेस्ट और आरटीपीसीआर टेस्ट भी कराया जाएगा। जांच में कोरोना की पुष्टि होती है तो मौके पर ही मरीज को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जाएगा।
मास्क अनिवार्य, मौके पर सैनिटाइजेशन
मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत ना हो इसके लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ओपीडी में इलाज कराने आ रहे मरीजों में कोरोना संक्रमण न हो इसके लिए उन्हें न सिर्फ मास्क पहनना अनिवार्य होगा, वरन उनके हाथों को भी अस्पताल में सैनिटाइज कराया जाएगा।
दून अस्पताल में सिर्फ 69 कोरोना संक्रमितों का हो रहा इलाज
कोरोना संक्रमण कम होने के साथ ही अस्पताल में कोरोना मरीजों की संख्या भी बेहद कम हो गई है। अस्पताल में सिर्फ 69 मरीजों का इलाज किया जा रहा है, जिसमें सबकी हालत सामान्य है।
कोरोना संक्रमित मरीजों के पूरी तरह ठीक होने के साथ ही उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा रहा है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पंत ने बताया कि फिलहाल अस्पताल में आईसीयू बेड के साथ ही ऑक्सीजन बेड की पर्याप्त संख्या है और मरीजों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं है।