राजकीय जिला कोरोनेशन अस्पताल परिसर के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एनएस बिष्ट ने बताया कि कोरोना कर्फ्यू और टीका लगाने के बाद भी कोरोना गाइडलाइन का पालन जरूर करना है। कोविड कर्फ्यू में ढील दिया जाना भी जीवन जीने के लिए बहुत जरूरी है। सरकार ने विशेषज्ञों के राय मसविरे और स्थितियों को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से कोविड कर्फ्यू में ढील दी हैं। ऐसे में आजमन की जिम्मेदारी बनती है कि कोरोना गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करें। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों की खरीदारी बड़े बजारों में जाने के बजाय नजदीक की कॉलोनी और मोहल्लों की दुकानों से खरीदें।
टीका लगवाएं और इम्यूनिटी बढ़ाएं : डॉ. पंवार
राजकीय जिला गांधी शताब्दी अस्पताल परिसर के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. प्रवीण पंवार ने बताया कि कोरोना के मामले घटने पर कोविड कर्फ्यू में ढील दिया जाना भी जरूरी था। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं कि कोरोना पूरी तरह से खत्म हो गया है। अगर लोगों ने नियमों का पालन नहीं किया तो कोरोना फिर से लौट सकता है। इसलिए लगभग कम से कम एक साल तक बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। साथ ही कोरोना का टीका लगवाएं और शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाएं।
देश की आर्थिक सेहत के लिए भी खतरा : डॉ. कंडवाल
एमकेपी रोड स्थित आरोग्यधाम सुपर स्पेसियलिटी एंड हेल्थ सिटी के निदेशक एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विपुल कंडवाल ने बताया कि कोविड कर्फ्यू में ढील का यह मतलब कतई न समझें कि कोरोना को लेकर अब निश्चिंत हो जाना है। अभी भी हमें अनावश्यक भीड़भाड़ में जाने से बचना होगा। अगर फिर से कोरोना ने दूसरी लहर जैसा प्रचंड रूप दिखाया तो यह नागरिकों की शारीरिक व आर्थिक सेहत के लिए बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए योग, व्यायाम और ताजे फल सब्जी व पोषक तत्व युक्त भोज्य पदार्थ लें।