बाघिन के शरीर में धंसे तार को निकालने के लिए उसकी सर्जरी होनी है, लेकिन कॉर्बेट प्रशासन अभी तक इस बारे में कोई फैसला नहीं ले पाया है। अमर उजाला के हाथ लगी बाघिन की तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि वह बुरी तरह से घायल है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन ने शिकार की मंसा से इनकार नहीं किया है, लेकिन इसे कॉर्बेट के बाहर बिजनौर (यूपी) के आसपास की घटना बताया है।
हमने बाघिन को सफलतापूर्वक बचा लिया। फिलहाल वह रेस्क्यू सेंटर में चिकित्सकों की देखरेख में है। बाघिन को कुछ दिन पहले ही कैमरा ट्रैप किया गया था। उसके शरीर में एक पुराना तार बुरी तरह से धंसा हुआ है, चिकित्सक बाघिन की सर्जरी पर विचार कर रहे हैं।
- धीरज पांडेय, निदेशक, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व