इन वेबसाइट की वजह से पर्यटक ठगी के शिकार हो रहे है और एक परमिट दो-दो पर्यटकों को आवंटित हो रहा है। ऐसी फर्जी वेबसाइट पकड़ने के लिए सीटीआर ने एक टीम गठित की।
गठित टीम के सदस्यों ने पर्यटक बनकर इन फर्जी वेबसाइटों पर दर्ज मोबाइल नंबरों पर फोन कर उनके सही पते की जानकारी ली। टीम ने 15 ऐसी फर्जी वेबसाइट पकड़ी हैं जो गो डैडी वेबसाइट के डोमिन पर चल रही हैं।
इन फर्जी वेबसाइटों में
www.jimcorbettnationalpark.co.in,
www.jimcorbettbooking.in,
www.corbettnationalpark.com,
www.corbettnationalpark.in हैं। इन सभी को सीटीआर के निर्देश पर एडवोकेट ललित मोहन तिवारी ने लिगल नोटिस जारी किया है, जिसमें आईपीसी 420, आईटी एक्ट व कॉपीराइट के प्रावधानों को उल्लंघन करने की बात कही है।
अधिकारियों ने बताया कि ये वेबसाइट फर्जीवाड़े से कॉर्बेट के नाम का इस्तेमाल करके लोगों की बुकिंग करा रही थीं और उन्हें ठग रही थी। अक्सर ऐसा होता है कि इन पोर्टल को चलाने वाले लोग पर्यटकों को मुख्य अभयारण्य ले ही नहीं जाते थे।