सिफारिश को कर दिया गया रद्द
साक्षात्कार के लिए 10 अंक तय किए गए थे। लेकिन चयनकर्ताओं ने अनुसूचित जनजाति के 79 अभ्यर्थियों में से 58 अभ्यर्थियों को, अनुसूचित जाति के कुल 868 अभ्यर्थियों में से 415 अभ्यर्थियों को एवं सामान्य श्रेणी के कुल 1352 अभ्यर्थियों में से 506 अभ्यर्थियों को कोई अंक प्रदान नहीं किए। जांच रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि चयन कमेटी के सदस्यों के द्वारा अलग-अलग तैयार की गई साक्षात्कार सूची एवं अंतिम साक्षात्कार की सूची में अंकित किए गए अंकों में भिन्नता है। सहकारी बैंक के निबंधक ने कहा कि प्रकरण में बोर्ड की ओर से कहा गया कि बैंक के चेयरमैन के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए, लेकिन उनकी इस सिफारिश को रद्द कर दिया गया है। कहा गया है कि संबंधित के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए ऐसा न करने पर बोर्ड को भंग किया जाए।