केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा के बैनर तले आयोजित दीक्षांत समारोह में राज्य वन सेवा अधिस्थापन पाठ्यक्रम वर्ष 2014-16 के 39 प्रशिक्षुओं को उपाधियां प्रदान की गईं। मकरंद प्रकाश गूजर को शीर्ष स्थान प्राप्त करने पर केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वन महानिदेशक एवं मंत्रालय के विशेष सचिव डा. एसएस नेगी ने अफसरों को सलाह दी कि अफसर सिर्फ कैरियरिस्ट न बनें, काम करें, प्रमोशन तो होता रहता है।
श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए हुए सम्मानित
दीक्षांत समारोह का आयोजन भारतीय वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) के सभागार में किया गया था। जिन राज्य वन सेवा के अफसरों को उपाधि मिली है उनमें महाराष्ट्र, तमिलनाडु और मध्यप्रदेश कैडर के हैं। दीक्षांत समारोह में बेस्ट आल राउंडर के लिए श्रीकांत सुभाष पंवार को सिल्वर मेडल, प्रदीप एकनाथ पाटिल को वन प्रबंधन एवं कार्य योजना में प्रवीणता के लिए सिल्वर मेडल, पारिस्थितिकी के लिए गीता विशाल पंवार को सिल्वर मेडल मिला।
मृदा संरक्षण एवं भू-प्रबंधन के लिए हेमंत यशवंत शेवाले को आरसी कौशिक पुरस्कार, वन इंजीनियरिंग एवं सर्वेक्षण के लिए राजेंद्र आर सदगीर को केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा संगठन पुरस्कार और वन संरक्षण एवं जनजातीय कल्याण के लिए कोंडिबा बाबूराव शिंदे को पी. श्रीनिवास पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
संस्थान की रिपोर्ट हुई पेश
केंद्रीय राज्य वन सेवा अकादमी की प्राचार्या मीरा अय्यर ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट पेश की। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षुओं को 19 अकादमिक विषय पढ़ाए और वन क्षेत्रों के 145 दौरे कराए गए। कार्यक्रम में भारतीय वन्य जीव संस्थान के निदेशक डा. वीबी माथुर, एफआरआई की निदेशक डा. सविता, प्रमुख वन संरक्षक (वन्य जीव) दिग्विजय सिंह खाती आदि उपस्थित रहे।