महाराज ने स्पष्ट किया कि किसी भी आरोप को प्रथम दृष्टया सही नहीं कहा जा सकता। जिस श्रद्धालु ने केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह को स्वर्ण मंडित करने के लिए सोना दान किया है, उसी श्रद्धालु के माध्यम से अपने स्वर्णकारों के माध्यम से सोने की परतें चढ़ाने का काम कराया गया। इसमें किसी प्रकार के गबन या भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं है।
कहा, सोने की परत चढ़ाने को लेकर जो अफवाहें फैलाई जा रही हैं। कहा, कुछ लोग सुव्यवस्थित और निर्बाध गति से चल रही चारधाम यात्रा को बदनाम कर बाधित करना चाहते हैं। विपक्ष भी इस मामले को अनावश्यक तूल देकर राजनीति करने का प्रयास कर रहा है। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।