राजकीय मेडिकल कालेज में संविदा, नियत वेतनमान और उपनल के माध्यम से काम कर रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण के संबंध में शीघ्र फैसला लिया जाएगा। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा एवं सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की अगुवाई में कमेटी का गठन किया गया है। वहीं, कालेज में शीघ्र स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति की जाएगी।
बता दें कि मेडिकल कालेज में कार्यरत कई अस्थायी कर्मचारियों को सेवा देते हुए पांच साल हो गए हैं। ऐसे में कर्मचारी नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। पैरामेडिकल संघ मेडिकल कालेज/बेस अस्पताल के सचिव अरुण बडोनी का कहना है कि जो अस्थायी कर्मचारी नियमानुसार पदों के सापेक्ष मेडिकल कालेज में सेवा दे रहे हैं और उनको पांच वर्ष पूर्ण हो चुके हैं, उन्हे नियमित किया जाना चाहिए। वर्ष 2013 में इस संबंध में शासनादेश भी जारी हुआ था।
इधर, कैबिनेट मंत्री हरक सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले हुई कैबिनेट की बैठक में अस्थायी कर्मचारियों के नियमितीकरण के संबंध में कमेटी का गठन किया गया है। उनको इस कमेटी का संयोजक बनाया गया है। कमेटी सरकार को प्रस्ताव देगी, कि किस प्रकार अस्थायी कर्मियों को नियमित किया जा सकता है। अगली कैबिनेट में प्रस्ताव को प्रस्तुत किया जाएगा।