उच्च न्यायालय ने अवमानना याचिका में सुनवाई के बाद उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और प्रमुख सचिव वित्त को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई छह मार्च 2018 को होगी।
न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की एकलपीठ के समक्ष बागेश्वर निवासी पान सिंह बिष्ट, लोकमणि पाठक और भवानी दत्त जोशी की अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। इस याचिका में कहा गया कि वे स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड में स्वास्थ्य पर्यवेक्षक के पद से वर्ष 2010 में सेवानिवृत्त हुए थे।
उनको एक जनवरी 1995 से 30 जून 2010 तक का वास्तविक पुनरीक्षित वेतनमान का लाभ नहीं दिया गया और न ही उनकी पेंशन का फिर से निर्धारण किया गया। न्यायालय ने पूर्व में 11 अप्रैल, 31 जुलाई और छह सितंबर 2017 को आदेश पारित करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे याची को दस सप्ताह के भीतर पुनरीक्षित वेतनमान तथा पेंशन का लाभ देना सुनिश्चित करें।
इस आदेश का पालन न होने पर याची ने अवमानना याचिका दाखिल की थी। एकलपीठ ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और प्रमुख सचिव वित्त को अवमानना नोटिस जारी किया।