हरिद्वार। भेल परिसर स्थित लेबर कालोनी में अतिक्रमण के खिलाफ भेल प्रबंधन और प्रशासन का अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को 500 झुग्गी झोपड़ियों और कच्चे घरों को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान कब्जेदारों ने विरोध करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें दूर हटा दिया। अतिक्रमण हटाने के दौरान कब्जेदारों में अफरा तफरी का भी माहौल रहा।
भेल की जमीनों पर काबिज लोगों को बेदखल करने के लिए दूसरे दिन भी अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। मंगलवार भारी पुलिस फोर्स के साथ भेल और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुुंचे। एक तरफ से जेसीबी लगाकर कब्जेदारों के कच्चे घर और झोपड़ियों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। इस दौरान लोगों ने अतिक्रमण हटाने का विरोध किया, लेकिन भारी पुलिस फोर्स होने के चलते उनकी एक नहीं चली। पुलिस ने कब्जेदारों को वहां से हटा दिया। कब्जेदारों ने का कहना था कि कड़ाके की ठंड में उनको बेघर किया जा रहा है। इन लोगों का कहना था कि उनको उजाड़ने से पहले बसाने की बात प्रशासन को करनी चाहिए थी। हालांकि मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने यह तर्क देकर बचाव किया कि उनका अभियान से कोई लेनादेना नही है। अभियान भेल प्रशासन की ओर से चलाया जा रहा है वे तो महज कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद है। वहीं भेल के नगर प्रशासक संजय पंवार का कहना है कि कब्जेदारों को पिछले कई साल से जमीन खाली करने की नोटिस जारी की किए जा रहे थे। जब कब्जेदारों ने जमीनों को खाली नही किया तो मजबूर न अभियान चलाया पड़ा।
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खुले आसमान के नीचे गुजारी रात
भेल प्रशासन की ओर से सोमवार को अतिक्रमण अभियान चलाने के बाद कई कब्जेदारों ने तो आशियाना ढूंढ लिया था। इसके बावजूद तमाम ऐसे लोग रहे जो खुले आसमान के नीचे तिरपाल लगाकर रात काटी। बेदखल किए गए कई लोगों ने बताया कि उन्होंने पूरी रात आग तापकर गुजारी है। कब्जेदारों का कहना है कि अभियान चलाने से पहले प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी।
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कांग्रेस ने कहा, लोगों को बेघर कर रही है भाजपा सरकार
अतिक्रमण अभियान को लेकर अब राजनीति भी गरमाने लगी है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि लोगों को आशियाना देने कि बजाय उन्हें बेघर कर रही है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सुनील अरोड़ा ने लेबर कालोनी को उजाड़ने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक एवं रानीपुर विधायक आदेश चौहान जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहे है। हाड़ कंपाने वाली ठंड के दौरान झुग्गी झोपड़ियां उजाड़ दी गई। सैकड़ों लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो रहे हैं। मात्र राजनीतिक लाभ लेने के लिए मलिन बस्तियों, झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले का इस्तेमाल किया जाता है। भेल संपदा विभाग द्वारा हठधर्मितापूर्ण रवैया अख्तियार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रसूखदारों ने भेल कैंपस के अलावा हरिद्वार के पाश कालोनियों में अवैध कब्जे किए हैं उन पर कार्यवाही नहीं की जाती है।
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आक्रोशित लोगों ने किया प्रदर्शन
अतिक्रमण अभियान से गुस्साये लोगों ने मंगलवार को भेल के मुख्य कार्यालय के सामने प्रदर्शन भी किया। इस दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें बेवजह उजाड़ा जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अफसरों से मुलाकात करना चाहा लेकिन मुलाकात नही हो पाई। दूसरी ओर भेल नगर प्रशासक संजय पंवार का कहना है कि नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। भेल प्रशासन पहले ही तमाम लोगों को बेदखल करने के बाद जमीनें मुहैया करा चुका है। अब भेल के पास इतनी जमीन नही है कि हर कब्जेदार को जमीन मुहैया कराई जा सके।