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जागा ग्राहक, उपभोक्ता फोरम ने दिलाया इंसाफ

Thu, 25 Sep 2014 01:23 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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साढ़े आठ हजार रुपए का सैमसंग मोबाइल फोन खरीदने के अगले ही दिन खराब हो गया। कंपनी ने बदलने का वादा किया, लेकिन न मोबाइल ठीक किया, न बदला।
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उपभोक्ता की शिकायत पर जिला उपभोक्ता फोरम ने कंपनी को मोबाइल की कीमत और चार हजार रुपए हर्जाना भरने के आदेश दिए हैं।

ग्राम साहब नगर छिद्दरवाला देहरादून निवासी राम कुमार ने 19 जनवरी वर्ष 2013 को साढ़े आठ हजार रुपए में मैसर्स सैनिक कम्यूनिकेशन एंड वीडियो गेम रायवाला से सैमसंग का मोबाइल फोन खरीदा।

यह अगले ही दिन खराब हो गया। जिला उपभोक्ता फोरम में दर्ज कराई शिकायत में राम कुमार ने कहा कि मोबाइल खराब होने पर कंपनी में शिकायत की। बताया गया कि दो दिन में मोबाइल बदल दिया जाएगा, लेकिन फोन नहीं बदला गया।
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सर्विस सेंटर पहुंचे तो बताया गया कि यह पुराने मॉडल है, ठीक नहीं हो सकता। उपभोक्ता फोरम में कंपनी ने कोई विरोध नहीं किया। जिला उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष बलवीर प्रसाद और सदस्य अलका नेगी ने संयुक्त फैसले में कहा कि मोबाइल सेंटर उपभोक्ता को बीस दिन में नए मोबाइल की कीमत और हर्जाना अदा करे।
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खराब मोबाइल जमा किया, लौटाया नहीं

कंपनी ने खराब मोबाइल ठीक करने के लिए जमा तो कराया, लेकिन वापस नहीं किया। सर्विस सेंटर के चक्कर काटने के बाद उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता फोरम में गुहार लगाई। फोरम ने कंपनी को मोबाइल की कीमत साढ़े सात हजार रुपए और दो हजार रुपए हर्जाना देने का आदेश दिया है।

हरिपुर सेलाकुई निवासी मानवेंद्र सिंह ने फोरम में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि उन्होंने 17 अगस्त 2012 को सेलाकुई स्थित एक दुकान से कार्बन कंपनी का मोबाइल खरीदा था।

कुछ समय बाद ही मोबाइल में नेटवर्क प्रॉब्लम, लो बैटरी, रिस्टार्ट और हैंगिंग जैस समस्याएं आ गईं। 15 जुलाई 2013 को इसे सर्विस सेंटर में ठीक कराने के लिए दिया। अगले दिन वे सर्विस सेंटर पहुंचे तो बताया गया कि मोबाइल दिल्ली भेजा गया है और एक सप्ताह बाद मिलेगा।

मानवेंद्र डेढ़ महीने तक चक्कर काटते रहे, लेकिन मोबाइल नहीं मिला। मामले में कंपनी की ओर से कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष बलवीर प्रसाद और सदस्य अलका नेगी ने कहा कि कंपनी की ओर से कोई जवाब दाखिल नहीं हुआ। ऐसे में फोरम के पास उपभोक्ता की बात पर अविश्वास करने का कोई आधार नहीं है।
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