देहरादून। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राजकीय महाविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की हर माह समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, निर्धारित समय पर कार्य पूरा न करने वाली कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने अपने शासकीय आवास पर उच्च शिक्षा विभाग की बैठक में कहा, नए छात्रावासों का संचालन एक सितंबर से शुरू होगा। इससे पहले छात्रावास संचालन के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत राज्य में स्वायत्तता के लिए प्रस्तावित करीब 25 राजकीय महाविद्यालयों की प्रक्रिया में तेजी लाने को भी कहा गया है। रावत ने निर्माणाधीन भवनों, कक्षा-कक्षों, छात्रावासों, पुस्तकालयों, प्रयोगशालाओं और सामुदायिक केंद्रों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में देरी या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रस्तावित करीब 25 महाविद्यालयों के स्वायत्तता प्रस्तावों की सभी औपचारिकताएं पूरी कर शीघ्र विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निदेशक स्वयं स्वायत्तता संबंधी मामलों की निगरानी करेंगे। उन्होंने छात्र संघ चुनाव समय पर कराने और छात्राओं के लिए छात्र संघ में 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा, उन्होंने प्रत्येक महाविद्यालय के प्राचार्यों से योग प्रशिक्षकों के कार्यों का फीडबैक लेने को भी कहा।
बैठक में सचिव उच्च शिक्षा बीवीआरसी पुरुषोत्तम, संयुक्त सचिव प्रदीप मोहन नौटियाल, निदेशक उच्च शिक्षा वीएन. खाली, संयुक्त निदेशक संगीता गुप्ता सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।