वीरभद्र और योगनगरी ऋषिकेश (5.7 किमी) के बीच पहले ब्लाक खंड में निर्माण कार्य आरंभ हो चुके हैं। ऋषिकेश में एक निचला सड़क पुल (आरयूबी) और एक ऊपरी सड़क पुल (आरओबी) पूरा कर लिया गया है। ऋषिकेश के निकट चंद्रभागा नदी पर एक महत्वपूर्ण ऊपरी रेल पुल बनाने का शुरू किया गया है। लछमौली में और श्रीनगर में अलकनंदा नदी पर रेल पुल का निर्माण हो रहा है। अलकनंदा नदी पर श्रीनगर, गौछार और कालेश्वर में तीन सड़क पुलों का भी निर्माण हो रहा है।
कब पूरा होगा कहा नहीं जा सकता
रेल मंत्री ने कहा कि ऋषिकेश कर्णप्रयाग परियोजना को पूरा करने के लिए फिलहाल कोई निश्चित समय सीमा निर्धारित नहीं की जा सकती है। उनके मुताबिक, किसी भी प्रोजेक्ट को समय से पूरा होना राज्य सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण, वन विभाग की मंजूरी, जनोपयोगी सेवाएं, भौगोलिक परिस्थितियां, जलवायु, भूकंप, बाढ़, वर्षा, श्रमिकों की हड़ताल, कोर्ट के आदेश, ठेकेदारों की स्थिति व शर्तें जैसे कई कारण हैं, जो समय और लागत को प्रभावित करते हैं।
टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का सर्वेक्षण शुरू
रेलमंत्री के अनुसार, 155 किमी लंबाई की टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन के सर्वेक्षण का कार्य शुरू हो गया है। इससे पूर्व 2010-11 में इस रेल लाइन का सर्वेक्षण हुआ था, जिसमें इसकी लागत 2791 करोड़ रुपये थी। परियोजना वित्तीय दृष्टि से फायदेमंद नहीं पाई जाती थी। इस परियोजना के लिए 2018-19 में फिर सर्वेक्षण स्वीकृत किया गया। उन्होंने बताया कि रामनगर-चौखुटिया-गैरसैंण तक 212 किमी लंबी लाइन के लिए सर्वेक्षण 2015-16 में स्वीकृत हुआ। फील्ड सर्वे का काम पूरा हो गया है। सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।