संविधान दिवस पर बृहस्पतिवार को मंगलौर में सैय्यद मोहम्मद अहमद काजमी को याद किया गया। वह न सिर्फ आजाद भारत में पहली लोकसभा के सदस्य चुने गए थे, बल्कि ला ग्रेजुएट होने के साथ संविधान बनाने वाली असेंबली के सदस्य रहे थे।
जिन्ना ने खुद दिया था प्रस्ताव
उनकी भतीजी जमशीदा काजमी के पुत्र गुलाम जिलानी के अनुसार सय्यद मोहम्मद अहमद काजमी को विभाजन के समय मोहम्मद अली जिन्ना की ओर से पाक के पीएम पद का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उन्होंने कुबूल नहीं किया और भारत को ही वरीयता दी। भले ही उनका जन्म पुरकाजी में हुआ हो, लेकिन उनका बचपन मंगलौर में ही बीता और यहीं पर उनका इंतकाल भी हुआ था।
27 जून 1892 को जन्मे काजमी अलीगढ़ व इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़कर ला ग्रेजुएट हुए। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में वकालत भी की।