जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर दिया गया। कांस्टेबल के आत्महत्या कर लेने के प्रयास की सूचना मिलते ही एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, एएसपी आयुष अग्रवाल, कोतवाली ज्वालापुर प्रभारी मनोज मैनवाल एवं सिडकुल पुलिस मौके पर पहुंची। एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि अभी कांस्टेबल से कोई बात नहीं हो पाई है। फिलहाल उनकी पत्नी से हुई पूछताछ में आत्महत्या का प्रयास करने के पीछे आर्थिक तंगी की बात सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है।
कांस्टेबल पर था एक लाख का कर्ज
कांस्टेबल के आत्महत्या करने के पीछे की मुख्य वजह सहकर्मी से एक लाख की रकम उधार लेने की बात निकलकर आ रही है। यह बात सामने आ रहा है कि सहकर्मी बार बार उधार की रकम लौटा देने की बात कह रहा था और कांस्टेबल ने 26 मई को रकम लौटाने का वायदा भी सहकर्मी से किया था। संभावना है कि रकम लौटाने का दबाव बनने पर ही कांस्टेबल ने आत्महत्या करने के लिए कदम उठाया। कांस्टेबल के इस कदम से पूरे पुलिस महकमे में अफरा तफरी का माहौल है।
ज्वालापुर कोतवाली में तैनात कांस्टेबल ने करीब सवा साल पहले मकान बनाने के लिए अपने एक सहकर्मी से एक लाख की रकम उधार ली थी, लेकिन सवा साल गुजरने के बाद भी वह रकम लौटा नहीं सका था। सहकर्मी बार बार रकम वापस लौटाने की मांग कर रहा था। पुलिस सूत्रों की माने तो कांस्टेबल ने वादा किया था कि वह 26 मई को रकम दे देगा। हालांकि पुलिस अफसर फिलहाल इस बात पर कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
सुबह बिलकुल सामान्य दिखा कांस्टेबल
सुबह के वक्त जब कांस्टेबल कोतवाली आया था तब वह सामान्य था। उसे देखकर किसी भी सहकर्मी को ऐसा नहीं लगा कि वह तनाव में है। इसलिए किसी को यकीन भी नहीं हुआ कि उसने इस तरह का कदम उठाया है। जब वह कोतवाली से बैंक जाने की बात कहकर निकला तब भी किसी को इस तरह का संदेह नहीं हुआ कि वह भारी मानसिक तनाव में है।