देहरादून। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई त्रिपक्षीय बैठक का कार्यवृत्त शासन ने जारी कर दिया। अपर सचिव कार्मिक गिरधारी सिंह रावत की ओर से जारी कार्यवृत्त में पेंशनर्स की सात मांगों पर विभागों की जिम्मेदारी तय की गई। पेंशनर्स की समस्याएं चिकित्सा स्वास्थ्य, वित्त और कार्मिक विभाग से संबंधित हैं। इनके समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में शासन की ओर से राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रीना जोशी और अपर सचिव कार्मिक एवं सतर्कता गिरधारी सिंह रावत शामिल थे। अपर सचिव वित्त खजान चंद्र पांडेय भी उपस्थित रहे। पेंशनर पक्ष से गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के प्रदेश अध्यक्ष चौ. ओमबीर सिंह और महामंत्री जेपी चाहर सहित कई पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। चौ. ओमबीर सिंह और जेपी चाहर ने शासन की संवेदनशील कार्रवाई का स्वागत किया।
गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन ने गोल्डन कार्ड योजना और चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति व्यवस्था में सुधार की मांग की थी। 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त पेंशनर को नोशनल इंक्रीमेंट सेवानिवृत्ति से देने पर सहमति बनी। राशिकरण की कटौती 12 तक करने और 17 दिसंबर को राष्ट्रीय पेंशनर्स दिवस मनाने की मांग भी शामिल थी। कोषागारों में सुसज्जित पेंशनर भवन विकसित करने और 65, 70 व 75 वर्ष पर पांच-पांच फीसदी पेंशन वृद्धि पर भी शासन ने सहमति जताई। आठवें वेतन आयोग से पेंशन पुनरीक्षित करने की मांग पर भी सहमति बनी। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीपी चौहान, विधिक सलाहकार सुखवंश सिंह, दिनेश जोशी, पीसी खंतवाल, मुख्यालय के अध्यक्ष शेर सिंह थापली, ललित मोहन उनियाल ने प्रतिभाग किया था।