प्रीतम ने कहा कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। महिला बयान दर्ज कराने देहरादून आती है और लेकिन जांच कर रही अधिकारी कहती हैं कि वह विकासनगर में व्यस्त हैं।
इससे साफ जाहिर होता है कि प्रदेश सरकार मामले को दबाना चाहती है। लेकिन कांग्रेस चुप बैठने वाली नहीं है। इस मामले में जब तक कोई कार्रवाई नहीं होती है, कांग्रेस इस मामले को प्रमुखता से उठाती रहेगी। विधानसभा सत्र के दौरान भी मी-टू के इस मामले को उठाया जाएगा और इसमें लिप्त आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।