उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर शराब और उससे जुड़े सवाल जवाब उठने लगे हैं।
कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि हम नहीं, भाजपा शराब वालों से पैसा लेती है। जिसका खुलासा खुद भाजपा की जांच समिति की रिपोर्ट में हुआ था।
अगर भाजपा चाहती है कि 2002 में उसके कार्यालय में हुई चोरी जिसमें शराब से आई चंदा राशि चोरी हुई थी उसकी जांच हो तो कांग्रेस सरकार तैयार है।
प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेन्द्र कुमार ने मीडिया में आ रही उन खबरों का खंडन किया जिसमें नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने आबकारी नीति की आड़ में शराब वालों से चंदा लेने का आरोप लगाया है।
खेद प्रकट करना चाहिए
उनका कहना है कि अजय भट्ट का मैं सम्मान करता हूं लेकिन उनका आरोप गैरजिम्मेदाराना है और खेद प्रकट करना चाहिए।
सुरेन्द्र कुमार ने भाजपा प्रदेश कार्ययल में हुई चोरी और उसकी जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मुकेश महेन्द्रा ने अपनी रिपोर्ट स्पष्ट तौर पर जिक्र किया है कि जो रकम शराब वालों से चंदे के रूप में आई थी चोरी हुई है।
जिसे भाजपा कभी 27 लाख कहती है कभी 87 लाख। उनका कहना है कि शराब वालों से चंदा लेने की परंपरा भाजपा में है कांग्रेस नहीं लेती। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के निर्देश पर ठेकों का आबंटन रोका गया है। भाजपा के मोदी गुब्बारे की हवा अब निकलने लगी है। जिससे बौखलाई भाजपा के नेता अनर्गल प्रचार कर रहे हैं।