कुर्सी संभालने से पहले ही कांग्रेस के नए अध्यक्ष करन माहरा ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। जिस अंदाज में उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरने की कोशिश की, उससे उनकी कार्यप्रणाली की झलक देखने को मिली। करन माहरा 17 अप्रैल से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी संभालने जा रहे हैं।
कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें जिन उम्मीदों के साथ कमान सौंपी है, उसकी झलक देखने को मिली। उन्होंने प्रेस वार्ता में सधे हुए अंदाज में भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश की। साथ ही कहा कि वह लगातार मीडिया के माध्यम से सरकार की नाकामियों को जनता के सामने लाने का काम करते रहेंगे।
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दूसरी ओर, उन्होंने यह भी स्पष्ट संकेत दे दिए कि संगठन में वह किस तरह से काम करने जा रहे हैं। जिस तरह की गुटबाजी की चर्चाएं पार्टी में आ रही हैं, वहां उसे खत्म कर काम को सर्वोपरि रखने की उनकी इच्छा भी बेहतर संकेत दे रही है। तेवर इतने हैं कि वह साफ कह चुके हैं कि समझौते करने से बेहतर होगा कि मैं इस्तीफा दे दूं। अब यह देखने वाली बात होगी कि भविष्य में कांग्रेस का ऊंट किस करवट बैठेगा।