रायपुर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस नेता सूरत सिंह नेगी पर मुकदमे दर्ज किए जाने के विरोध में बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। परेड ग्राउंड से पैदल मार्च करते हुए कांग्रेसी एसएसपी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान कार्यालय में प्रवेश को लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सूरत सिंह नेगी के खिलाफ राजनीतिक दबाव में मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। इसी मामले को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने एसएसपी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सूर्यकांत धस्माना, लालचंद शर्मा समेत कई नेता शामिल रहे। बातचीत के दौरान सूरत सिंह नेगी की पत्नी भी मौजूद रहीं।
एसएसपी कार्यालय पहुंचने के बाद कांग्रेस के कुछ नेता अंदर चले गए, जबकि पीछे आ रहे कार्यकर्ताओं को पुलिसकर्मियों ने रोक दिया। इस पर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बहस शुरू हो गई। एसएसपी ने कांग्रेस नेताओं को मामले में नियमानुसार जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
खनन और भूकानून पर बरसे हरक
पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने एसएसपी ऑफिस में ही पत्रकार वार्ता की। इस दौरान उन्होंने सरकार पर खनन माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहली बार प्रदेश में बाहरी राज्यों के खनन माफिया को पट्टे आवंटित किए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बाहरी प्रदेशों के लोग जमीनें खरीद रहे हैं तो भू कानून कहां है।
युवती की तबीयत बिगड़ी
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल एसएसपी से वार्ता करने के लिए पहुंचा। मीटिंग हाल में बैठे प्रतिनिधिमंडल में से एक युवती की तबीयत बिगड़ गई। काफी देर तक उसे पुलिस ऑफिस में ही पानी पिलाकर नार्मल करने की कोशिश की गई फिर एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया गया। युवती अस्पताल पहुंची और डि्रप लगवाकर पैदल ही फिर एसएसपी ऑफिस पहुंच गई।