राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी में बृहस्पतिवार रात दो पक्षों के बीच हुई मारपीट ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। मोहल्ले में हुए विवाद के बाद चोटों का मेडिकल कराने पहुंचे दोनों पक्ष इमरजेंसी में ही दोबारा भिड़ गए। लात-घूंसे चलने से मरीजों और तीमारदारों में अफरातफरी मच गई।
बताया गया कि दोनों पक्ष मेडिकल कराने के लिए इमरजेंसी पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर उनके बीच फिर कहासुनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इमरजेंसी परिसर में मारपीट होते देख वहां मौजूद मरीज और तीमारदार सहम गए। अस्पताल में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति संभाली।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, इमरजेंसी मरीजों के उपचार का संवेदनशील क्षेत्र है। यहां विवाद और मारपीट जैसी घटनाओं से उपचार व्यवस्था प्रभावित होने के साथ ही मरीजों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डीएमएस डॉ. विनम्र मित्तल ने बताया कि दोनों पक्ष मेडिकल कराने आए थे और इमरजेंसी में उनके बीच दोबारा विवाद हो गया। सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों को अलग कर दिया।
उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस से सख्त कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। साथ ही इमरजेंसी में पुलिस बल बढ़ाने की मांग की गई है, ताकि मरीजों और तीमारदारों को सुरक्षित माहौल मिल सके।