ट्रैफिक निदेशालय के निर्देश पर प्रदेश भर में 15 दिन के विशेष अभियान में मोबाइल पर बात करने वाले 1956 चालकों का चालान करने के साथ 168 वाहन सीज किए गए। तीन सवारी पर 4826 वाहनों के चालान के साथ 182 को सीज करने की कार्रवाई की गई। पुलिस उप महानिरीक्षक यातायात केवल खुराना के मुताबिक एक सितंबर से लेकर 15 सितंबर तक प्रदेश के 13 जिलों में वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने और दुपहिया वाहन पर तीन सवारी रोकने को अभियान चलाया गया था। अभियान में नियमाें का उल्लंघन करने पर व्यापक कार्रवाई की गई है।
मोबाइल पर बात करने पर हरिद्वार में सबसे ज्यादा 447 दोपहिया और 231 चौपहिया वाहनों का चालान किया गया। नैनीताल में 303 दोपहिया, 174 चौपहिया, ऊधमसिंह नगर में 300 दोपहिया और 145 चौपहिया और दून में 180 दोपहिया और 51 चौपहिया वाहनों पर कार्रवाई की गई। तीन सवारी पर हरिद्वार में 1113, नैनीताल में 695, देहरादून में 369 और ऊधमसिंह नगर में 114 दुपहिया वाहन चालकों के चालान किए गए। मोबाइल और तीन सवारी में पकड़े गए वाहन चालकों के डीएल जब्त कर निरस्त करने की संस्तुति की गई है।
शहर के 19 केंद्रों पर प्रदूषण जांच को कतार में लगे लोग उस वक्त परेशान हो गए, जब सर्वर डाउन होने से वेबसाइट रुक गई। बार-बार कोशिश करने के बाद भी वेबसाइट नहीं चली। भीड़ बढ़ती चली गई। बमुश्किल पुलिस ने केंद्रों पर हालात संभाले।
सोमवार को सुबह से प्रदूषण केंद्रों पर भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। टोकन लेने के बाद लोग अपने वाहन लेकर कतार में खड़े हो गए। दोपहर करीब 12:30 बजे अचानक सर्वर डाउन हो गया। प्रदूषण जांच के लिए परिवहन मंत्रालय की वेबसाइट ठप हो गई। करीब एक घंटे तक वेबसाइट में वाहनों की नंबर प्लेट का फोटो अपलोड ही नहीं हुआ। भीड़ बेकाबू होती इससे पहले पुलिस ने हालात संभाले। बाद में वेबसाइट चलने लगी तो लोगों को सुकून मिला।
इंश्योरेंस के लिए भी लाइन
नया मोटर व्हीकल एक्ट आने के बाद न केवल प्रदूषण बल्कि इंश्योरेंस के लिए भी लोग लाइन में लग रहे हैं। हालांकि यहां प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियां होने की वजह से राह आसान हो गई है। सरकारी बीमा कंपनियों में रोजाना के वाहन इंश्योरेंस की संख्या में जबर्दस्त उछाल आया है।