फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वोटिंग से पहले चाहत पूरी करवाने में जुटे विधायक

Mon, 06 Jun 2016 02:24 PM IST
सुधांशु द्विवेदी/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
हरीश रावत - फोटो : file photo
विज्ञापन
राज्यसभा सीट के लिए प्रदीप टम्टा के पक्ष में वोट डालने से पहले कांग्रेसी विधायक उत्तराखंड मुख्यमंत्री हरीश रावत से अपनी बातें मनवा लेना चाहते हैं।
विज्ञापन


विधायकों को मालूम है कि इसके बाद दबाव बनाने का मौका शायद ही जल्द मिले। इनमें से कई मंत्री पद की दौड़ में हैं तो कई अपने चुनाव क्षेत्र के लिए विकास योजनाएं पाना चाहते हैं।

कुछ विधायक मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर लगातार दबाव बनाए हुए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के सामने असल दिक्कत ‘एक अनार, सौ बीमार’ वाली है। मंत्रिमंडल में दो ही सीटें खाली हैं, जबकि मंत्री पद चाहने वालों की तादात करीब एक दर्जन है। एक सीट बागी नेता हरक सिंह रावत के जाने से खाली हुई, दूसरी सुरेंद्र राकेश के निधन के  बाद से भरी नहीं गई।
विज्ञापन


बीते दिनों सरकार के संकट में होने पर कई विधायक मुख्यमंत्री हरीश रावत के पीछे मजबूत सिपाही की तरह खड़े रहे। अब वे इस वफादारी का प्रतिदान मंत्री की कुर्सी के रूप में चाहते हैं। यही कारण है कि नवप्रभात, मयूख महर ने दर्जाधारी लालबत्तियां लेने से इनकार कर दिया। ममता राकेश दलित के साथ-साथ अपने पति की ‘विरासत’ पर दावा कर रहीं हैं।

बसपा विधायक सरवत करीम अंसारी भी पीडीएफ के जरिये मंत्री बनने के लिए दबाव बना रहे हैं। हीरा सिंह बिष्ट, राजेंद्र भंडारी, गणेश गोदियाल भी मंत्री बनने की जोड़-तोड़ में लगे हुए हैं।
विज्ञापन


भारी दबाव झेलने के बावजूद मुख्यमंत्री हरीश रावत मंत्रिमंडल विस्तार के लिए तैयार नहीं लग रहे। अपने चुनाव क्षेत्र में विकास कराने को लेकर भी कई विधायक अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। राज्यसभा चुनाव से पहले ही यह विधायक अपनी मांगों को मनवाना चाहते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें