‘अध्यक्ष जी, मुझे एक पत्र मिला है, जिसमें मुझे और मेरे परिवार को 28 अप्रैल तक जान से मारने की धमकी दी गई है। मैं डरी हुई हूं, मुझे सुरक्षा चाहिए।’
भगवानपुर की कांग्रेस विधायक ममता राकेश ने जब यह गुहार लगाई तो समूचा सदन उनकी इन बातों को बेहद गौर से सुन रहा था। सदन में विपक्ष की उनकी आवाज बना और शाम को नेता सदन त्रिवेंद्र सिंह रावत पहुंचे तो नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने एक बार फिर ये मामला उनके समक्ष उठाया। नेता सदन ने मामले की गंभीरता को देखते हुये ममता राकेश को वाई श्रेणी सुरक्षा देने का एलान किया।
इससे पूर्व मंगलवार को सुबह जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विधायक प्रीतम सिंह ने पार्टी विधायक ममता राकेश और फुरकान अहमद को जान से मारने की धमकी मिलने का मुद्दा उठाया। इसे तात्कालिक महत्व का मुद्दा बताते हुए उन्होंने नियम 310 में चर्चा कराने की मांग की। संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि घटना पुरानी है, इसलिए नियमानुसार इस पर नियम 310 में चर्चा नहीं हो सकती है।
बाद में स्पीकर ने नियम-58 में ग्राहयता पर सुनने की अनुमति दी। नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि एक गुमनाम पत्र के जरिये ममता राकेश और फुरकान अहमद को जान से मारने की धमकी दी गई है। इस मामले में ममता राकेश ने भगवानपुर थाने में एफआईआर भी लिखाई है। लेकिन पुलिस ने इस मामले में विधायक से कोई संपर्क नहीं किया। विधायक डरी-सहमी हैं और देहरादून में वास कर रही है। उन्होंने उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा देने की मांग की।
फुरकान अहमद ने कहा कि जिसने पत्र लिखा है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। प्रीतम सिंह, गोविंद सिंह कुंजवाल, करन माहरा व राजकुमार ने भी घटना को गंभीर बताते हुए विधायकों को सुरक्षा देने की मांग की। संसदीय कार्यमंत्री ने दोनों विधायकों को पुख्ता सुरक्षा देने का वादा किया। शाम को नेता सदन की मौजूदगी में विपक्ष ने इस मुद्दे पर फिर दबाव बनाया। नेता सदन ने ममता राकेश को वाई श्रेणी की सुरक्षा देने की सदन में घोषणा की। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में पुलिस महानिदेशक को निर्देश देंगे।