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विधानसभा सत्र में हंगामे के आसार, इस मुद्दे पर बवाल काटने की तैयारी में कांग्रेस 

Thu, 08 Jun 2017 08:46 AM IST
 ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र का हंगामेदार आगाज होने के प्रबल आसार हैं। सत्र की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
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हालांकि बुधवार को सर्वदलीय बैठक में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सत्ता पक्ष और विपक्ष से सदन की कार्यवाही निर्विघ्न और सौहार्दपूर्ण माहौल में चलाने की अपेक्षा की है, मगर एनएच -74 मुआवजा घोटाले पर आक्रामक विपक्ष ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मैदान में उतरने के संकेत दिए हैं।

इस मुद्दे पर विपक्ष पहले दिन प्रश्नकाल का त्याग तक करने को तैयार है। उधर, प्रदेश सरकार ने पहले ही दिन बजट पेश करने का निर्णय लिया है। शाम चार बजे वित्त मंत्री प्रकाश पंत सदन में त्रिवेंद्र सरकार का पहला बजट पेश करेंगे।
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पहली बार सरकार पेपरलैस बजट लाएगी। 15 जून को विनियोग विधेयक पारित कराने के लिए सदन में लाया जाएगा। आज हुई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सरकार द्वारा तय इस कार्यक्रम को मंजूरी दे दी गई। कार्यक्रम के अनुसार सत्र 20 जून तक चलेगा।
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ये है कार्यक्रम

- आठ जून को अनिश्चितकाल सत्र का आगाज होगा
- शाम चार बजे वित्त मंत्री प्रकाश पंत वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए बजट अनुदान मांगे सदन के पटल पर रखेंगे।
- नौ जून से 14 जून तक बजट पर सामान्य चर्चा होगी।
- 31 विभागों की अनुदान मांगें पेश होंगी और उन्हें पारित किया जाएगा।
- 15 जून को विनियोग विधेयक पारित होगा।
- 20 जून तक सदन की कार्यवाही चलेगी।

400 प्रश्न, दो विधेयक
सत्र के दौरान सदस्यों द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या 400 का आंकड़ा पार कर चुकी है। सदन में दो विधेयक व एक संशोधित विधेयक लाया जाएगा। विनियोग विधेयक व उत्तराखंड राज्य विधानमंडल विधेयक-2017 के अलावा उत्तराखंड मूल्यवर्धित संशोधन विधेयक पेश होगा। इसके अलावा उत्तराखंड लोक सेवा आयोग और नि:शक्तजन आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन भी सदन के पटल पर रखा जाएगा।

एनएच घोटाला बड़ा मामला है। हम पहले दिन ही इसे उठाएंगे। सरकार हमारे सवालों का संतोषजनक जवाब दे दे, हम प्रेशर नहीं बनाएंगे। जवाब नहीं दिया जाएगा तो विपक्ष बोलेगा ही।
- डॉ. इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष

मैंने पक्ष-विपक्ष से व्यवस्थित ढंग से सदन चलाने की अपील की है। नियमानुसार लाए जाने वाले मसलों को उठाने और उन पर चर्चा के लिए पूरा अवसर दिया जाएगा।
- प्रेमचंद अग्रवाल, स्पीकर।
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