यूकेएसएसएससी परीक्षा रद्द कराने सहित विभिन्न मांगों के संबंध में कांग्रेस ने शुक्रवार को सीएम आवास कूच किया। हाथीबड़कला में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर कांग्रेसियों को रोक लिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस के घेरे को तोड़ते हुए प्रदेश अध्यक्ष सहित कई कांग्रेसी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सहित कई विधायकों को गिरफ्तार कर बाद में छोड़ दिया।
शुक्रवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा के नेतृत्व में कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन से नारेबाजी करते हुए सीएम आवास कूच पर निकले और दिलाराम चौक होते हुए हाथीबड़कला पहुंचे। यहां पुलिस के रोकने पर कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। उसके बाद वह दूसरी तरफ कूदने लगे तो पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल, एआईसीसी सचिव व विधायक काजी निजामुद्दीन, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, विधायक आदेश चौहान, विधायक लखपत बुटोला, विधायक रवि बहादुर आदि को गिरफ्तार कर लिया। इन्हें पुलिस लाइन ले जाने के बाद छोड़ दिया गया।
ये भी पढ़ें..Uttarakhand: राज्य में 49 साल में 447 बार डोली धरती, रिक्टर स्केल पर तीन से चार की तीव्रता वाले भूकंप अधिक आए
प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने धामी सरकार पर राज्य के नौजवानों व बेरोजगारों को धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश का नौजवान पिछले आठ साल से रोजगार की तलाश में दर-दर भटक रहा है। प्रदेश में सारी भर्तियां बंद हैं और जो कुछ थोड़ी बहुत भर्तियां निकलती हैं उनकी परीक्षा के पेपर खुले आम नीलाम हो जाते हैं। नीलाम करने वाले कहीं न कहीं भाजपा से जुड़े लोग होते हैं। चाहे वो हाकम सिंह हो या संजय धारीवाल या धर्मेंद्र सिंह चौहान। माहरा ने कहा कि 21 सितंबर को पेपर लीक के बाद से कांग्रेस लगातार आंदोलन कर रही है और हमारी साफ साफ मांग है कि इसकी जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई से करवाई जाए क्योंकि केवल सीबीआई जांच काफी नहीं।
उन्होंने कहा कि जिस अध्यक्ष के रहते पेपर लीक हुआ और जो तीन दिनों तक पेपर लीक स्वीकार नहीं कर रहे थे वो आज भी अपने पद पर बने हुए हैं। ऐसे में उनके रहते निष्पक्ष जांच कैसे हो सकती है? माहरा ने मांग की कि आयोग के अध्यक्ष गणेश मर्तोलिया को तत्काल बर्खास्त किया जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि युवा, व्यापारियों, मजदूरों, किसानों के बीच सरकार के प्रति गुस्सा है। आयोग ने कहा कि कुछ हुआ ही नहीं है जबकि सीएम ने सीबीआई जांच की बात कही है।
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा राज में रेत-बजरी, पत्थर तो पहले ही चोरी हो रहा था अब पेपर चोरी का रिवाज भी खूब प्रचलित हो रहा है। कांग्रेस राज्य के बेरोजगार नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी और अब इस सरकार को उखाड़ फेंककर ही दम लेगी। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था से लेकर विकास रोजगार हर मोर्चे पर भाजपा सरकार पूरी तरह से फेल हो गई है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि कांग्रेस ने पेपर लीक मामले में पहले दिन से फ्रंट फुट पर राज्य सरकार व आयोग के खिलाफ मोर्चा खोला था। आठ दिनों तक कांग्रेस के आंदोलन और मुख्यमंत्री आवास कूच के एलान के बाद भाजपा नेतृत्व में घबराहट हुई।