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नीरव मोदी से ध्यान हटाने के लिए कांग्रेस के इस दिग्गज से हो रही 300 करोड़ के घोटाले की पूछताछ!

Fri, 23 Feb 2018 06:10 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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harish rawat
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एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच की आंच से कांग्रेस इतनी असहज हो गई है कि अब इस मामले को नीरव मोदी से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय से एसआईटी की पूछताछ की कार्रवाई को पार्टी ने राजनीति से प्रेरित करार दिया है।

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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस नेताओं से पूछताछ के औचित्य पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पार्टी का खाता सार्वजनिक है, एसआईटी जब चाहे उसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकती है। लेकिन वह एक साल तक कहां सोयी थी। उन्होंने कहा कि पूछताछ की टाइमिंग बता रही है कि यह कार्रवाई नीरव मोदी से ध्यान हटाने के लिए की गई है।

‘अमर उजाला’ ने पार्टी के खाते के संबंध में जब उनसे पूछा तो उन्होंने कहा कि इसे भारत के निर्वाचन आयोग के निर्देश पर खोला गया था। खाते में पांच करोड़ या जितनी भी राशि जमा हुई, वह चैक से आई है।
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एसआईटी बैंक से स्टेटमेंट लेकर पैसा देने वालों के बारे में पता लगा सकती है। यदि उसे कोई संदिग्ध व्यक्ति लगते हैं तो वह उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर सकती है। उसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष, पूर्व अध्यक्ष या पार्टी के दफ्तर जाने की क्या आवश्यकता है? पार्टी खाते के संबंध में पूरा ब्योरा चुनाव आयोग और आयकर विभाग दे चुकी है।

यदि एसआईटी को पार्टी से कोई पूछताछ करनी है तो वह इसके लिए चुनाव आयोग से आदेश कराए। पार्टी से सीधे पूछताछ का सीधा मतलब राजनीति है और यह पूरी कवायद केंद्र सरकार के इशारे पर हो रही है।

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कांग्रेस की बेचैनी पर भाजपा ने उठाया सवाल

trivendra singh rawat
एनएच-74 की जांच को लेकर कांग्रेस की बेचैनी पर प्रदेश भाजपा ने सवाल उठाया है कि वह इस मामले को बेवजह तूल क्यों दे रही है? मीडिया कर्मियों से बातचीत में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि एसआईटी अपना काम कर रही है, उस पर सरकार का कोई दबाव नहीं है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय से एसआईटी की पूछताछ को प्रदेश सरकार के इशारे पर की गई कार्रवाई करार देने का भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी कड़ा विरोध किया।

उन्होंने कहा कि एसआईटी की जांच पहले से चल रही है और उसे बेवजह तूल देने की आवश्यकता नहीं है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने भी एसआईटी की कार्रवाई को प्रक्रियात्मक कार्रवाई करार दिया।

उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी को भी विचलित होने की आवश्यकता नहीं है। एसआईटी व्यक्तिगत आधार पर जांच नहीं कर रही है। उसकी मंशा करोड़ों रुपये के घोटाले का पटाक्षेप करने की है।
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